सुधीर कुमार

खुद में ही पूरा बैंड हैं उत्तराखण्ड के दीप रजवार

रामनगर में रहने वाले युवा दीप रजवार एक वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर के तौर पर अच्छा नाम रखते हैं. कॉर्बेट पार्क से जुड़ी उनकी तस्वीरें विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं. फोटोग्राफर होने के साथ-साथ दीप एक बेजोड़ संगीतकार भी हैं. वे गिटार, बांसुरी, माउथऑर्गन और ड्रम बजाने के अलावा बेहतरीन गायक भी हैं.

दीप ने संगीत के अपने हुनर को अगली ऊंचाई तक पहुंचा दिया है. वे इन सभी वाद्य यंत्रों को न सिर्फ बजा लेते हैं बल्कि एक वक़्त पर एक ही साथ बजा लेते हैं. इसी के साथ वे बखूबी गाते भी हैं. अगर आप उन्हें देखे बगैर उनकी परफार्मेंस सिर्फ सुनें तो लगेगा की एक आर्केस्ट्रा या बैंड की प्रस्तुति चल रही है. दीप रजवार खुद में एक ओर्केस्ट्रा या बैंड हैं. इसी वजह से उन्हें सोलो बैंड भी कहा जाता है.

प्रस्तुति के दौरान दीप रजवार

दीप उत्तराखण्ड में अपनी तरह के अकेले म्यूजिशियन हैं. बहुत प्रतिभावान संगीतकार भी एक वक़्त पर 2 वाद्य ही बजा पाते हैं. लेकिन दीप एक ही वक़्त पर माउथ ऑर्गन, गिटार के साथ दोनों पैरों से ड्रम भी बजा लेते हैं. उन्होंने गहन अभ्यास से इस सबमें गजब का तालमेल साध रखा है. दीप अपने इस सोलो बैंड की प्रस्तुति में लगातार 3-4 घंटे तक गाते-बजाते रहते हैं.

दीप ने अपने शौक को उस समय परवान चढ़ाया जब रामनगर जैसे छोटे शहर में न तो संगीत को लेकर कोई ख़ास जागरूकता हुआ करती थी न प्रशिक्षक ही थे. बचपन में ही किसी को माउथ आर्गन और हारमोनियम बजाते देखा तो मन में संगीत साधना की ठान ली. एकलव्य सी लगन लगाकर माउथ ऑर्गन और बांसुरी के सुर साध लिए. साथ में बिन गुरु गाने का रियाज भी चलता रहा. स्कूल-कॉलेज के दौरान मंच पर ढेरों कार्यक्रम किये.

2002 में अपने दिल्ली प्रवास में दीप ने गिटार पर हाथ अजमाना शुरू किया और इस पर भी महारथ हासिल कर ली. इसी दौरान आकाशवाणी दिल्ली के युववाणी कार्यक्रम में भी अपनी प्रस्तुति दी. संचार क्रांति के दौर में अपने यू ट्यूब चैनल के माध्यम से वे विदेश तक में लोकप्रिय हो गए. इन्टरनेट में ही उन्हें एक साथ गिटार और माउथ ऑर्गन की संगत में गाता देखकर एक विदेशी प्रशंसक ने उनसे अपने बेड़े में ड्रम भी शामिल कर लेने को कहा. थोड़ा और रियाज किया और खुद ही पूरा बैंड बन गए.

2015 से दीप रजवार ने अपने सोलो बैंड की प्रस्तुतियां देना शुरू किया. जिसने भी सुना वह दीप का मुरीद हुए बिना न रह सका. तब से अब तक दीप रजवार नैनीताल रामनगर और आसपास कई जगहों पर ‘डीप हारमनी’ सोलो बैंड की प्रस्तुतियां दे चुके हैं.

दीप रजवार इन प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, बेटी पढ़ो, बेटी बचाओ और स्वच्छ भारत आदि सामाजिक सरोकारों से भरे संदेश दिया करते हैं. उनकी अभी तक की सभी प्रस्तुतियां सामाजिक संदेशों को लोगों तक पहुँचाने के उद्देश्य से ही की गयी हैं. भविष्य में भी वे सामाजिक संदेश को लेकर एक बड़ी जनचेतना यात्रा निकालने की इच्छा रखते हैं.

पर्यावरण संरक्षण और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के लिए दीप कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित हैं और ढेरों पुरस्कार भी हासिल कर चुके हैं.

-सुधीर कुमार   

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Sudhir Kumar

Recent Posts

कर्ज पर युधिष्ठिर का जवाब : लोककथा

बड़ी पुरानी बात है. पांडु राजा के पाँच पुत्र थे, पांडव और धृतराष्ट्र के सौ…

1 week ago

दिव्य आम का स्वाद जीभ पर नहीं पेट के सबसे चोर हिस्से पर कब्ज़ा जमाता है

हमारे इलाक़े में लंगड़ा आम अमूमन इन्हीं दिनों यानी जून के तीसरे-चौथे हफ़्ते में सलीके…

1 week ago

उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी

पिछली कड़ी : एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता हिमालय को जानने समझने व…

3 weeks ago

एक ‘युवा’ एथलीट जिनकी उम्र 92 वर्ष है!

आम तौर पर एक उम्र के बाद व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त, बेबस…

3 weeks ago

रिंगाल: पहाड़ की बुनावट में छिपा रोजगार और जीवन

पहाड़ों में जीवन हमेशा प्रकृति के साथ जुड़कर चला है. यहाँ जंगल सिर्फ पेड़ों का…

3 weeks ago

हिमालय के गुमनाम नायक की कहानी

इस तस्वीर में आपको दिख रहे हैं "पंडित नैन सिंह रावत" — 19वीं सदी के उन महान…

1 month ago