साहसिक कार्य की अजेय भावना को जीवंत रखते हुए भारतीय सेना के सैनिकों ने 29 नवंबर 2018 ऋषिकेश में ‘कॉकरेल गनर्स व्हाइट वाटर राफ्टिंग अभियान’ का आयोजन किया.
यह अभियान 26 नवंबर 2018 को शुरू हुआ था जिसमें मीडियम रेजिमेंट के 20 साहसी सैनिकों के एक दल को रुद्रप्रयाग में ध्वज फहराकर रवाना किया गया.
चार दिनों में गंगा की 150 किलोमीटर लंबी साहसिक यात्रा सफलता पूर्वक पूरी करने के बाद इस दल को ऋषिकेश में ध्वज फहराकर रवाना किया गया था.
अपनी साहसिक यात्रा के एक हिस्से के रूप में इस दल के साथ ग्रेड 3 और ग्रेड 4 रैपिड्स पर बातचीत की गयी. इस अभियान ने भारतीय सेना के सभी बाधाओं का सामना करते हुए दृढ़ संकल्प, साहस और मजबूत इच्छा शक्ति के संकल्प की पुष्टि की है.
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें
कुमाऊँ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान कृष्ण के जन्म का धार्मिक पर्व नहीं रही है,…
पिछली कड़ी : पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल इन्द्र…
पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, "टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी" वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित…
ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व…
उत्तराखण्ड को सामान्यतः हिमालय, नदियों, झरनों और जलधाराओं की भूमि के रूप में जाना जाता है. किंतु…
पिछले 3 सालों से अल्मोड़ा के कुछ जागरूक युवा अल्मोड़ा मानसून मैराथन का आयोजन कर रहे हैं,जिसमें…