समाज

पिथौरागढ़ के जाखपन्त गांव में चैतोल की तस्वीरें

सोरघाटी और उससे लगे गावों में आज और कल लोकपर्व चैतोल लोकपर्व मनाया जा रहा है. सोरघाटी के अतिरिक्त चैतोल गुमदेश में भी मनाया जाता है. मान्यता है कि इस लोकपर्व में भगवान शिव अपनी बहिनों को भिटौली भेंटने आते हैं.
(Chaitol Festival Pithoragarh Uttarakhand)

मानव और ईश्वर का ऐसा अनमोल रिश्ता केवल देवभूमि उत्तराखंड में ही देखने को मिल सकता है जहां मानव का विश्वास है कि ईश्वर स्वयं उसके हर सुख और दुःख का सच्चा साथी है. ईश्वर के द्वारा उपहार देने की यह अनूठी परम्परा देवभूमि की विशिष्ट दर्शाती है.

जाखपन्त गांव पिथौरागढ़ मुख्यालय से 16 किमी की दूरी पर है. जाखपन्त के सभी रहवासियों के घरों में घुमाई जाने वाली छात गांव के बीचों बीच स्थित खंडेनाथ माहादेव के मंदिर में बनती है. खंडेनाथ महादेव के मंदिर से जाखपन्त के अतिरिक्त दो अन्य गावों की छात भी निकलती है.
(Chaitol Festival Pithoragarh Uttarakhand)

तस्वीरों में देखिये इस वर्ष जाखपन्त गांव की चैतौल: (सभी तस्वीरें काफल ट्री के साथी अखिलेश बोहरा ने भेजी हैं)

फोटो: अखिलेश बोहरा
फोटो: अखिलेश बोहरा
फोटो: अखिलेश बोहरा
फोटो: अखिलेश बोहरा
फोटो: अखिलेश बोहरा
फोटो: अखिलेश बोहरा
फोटो: अखिलेश बोहरा
फोटो: अखिलेश बोहरा

-काफल ट्री फाउंडेशन

Support Kafal Tree

.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

बर्फ ही नहीं हरियाली भी गायब हो रही है हिमालयी इलाकों से

हिमालय को आमतौर पर बर्फ़, जंगल और हरियाली का प्रतीक माना जाता है, लेकिन एक…

4 days ago

उत्तराखंड क्रिकेट टीम से रचा इतिहास

उत्तराखंड क्रिकेट ने रविवार को एक नया इतिहास रच दिया. राज्य की टीम ने जमशेदपुर…

4 days ago

उत्तराखंड बजट : स्वयं स्फूर्ति से परिपक्वता की ओर

लेखे के नये लाल बैग से निकला निर्मल बजट उत्साह संवर्धन नीति का पिटारा लाया…

1 week ago

बर्बर इतिहास का नाम क्यों ढो रहा है ‘खूनीबढ़’

कोटद्वार में बाबा की दुकान का नाम बदले जाने और बजरंग दल से भिड़ने वाले…

1 week ago

कौन थे पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा ‘लकुलीश’?

पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा भगवान लकुलीश को भारतीय शैव परंपरा के विकास में एक अत्यंत…

1 week ago

कैसे अस्तित्व में आया नारायण आश्रम और कौन थे नारायण स्वामी?

नारायण आश्रम उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में धारचूला से ऊपर, ऊँचे पहाड़ों और गहरी घाटियों…

1 week ago