अल्मोड़े से ‘सुपर ब्लू मून’ की तस्वीरें
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree “वन्स इन ए ब्लू मून” खूब कही और सुनी सुनी जाने वाली एक कहावत है. अंग्रेजी भाषा की इस कहावत का सामान्य अर्थ है क... Read more
पहाड़ में मनाई जाती है जन्यो पून्यूं
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree पहाड़ में श्रावण शुक्ल की पूर्णिमा ‘उपकर्म’ व ‘रक्षासूत्र’ बंधन का पर्व व त्यौहार है. द्विज वर्ग उपवास रखते हैं और स्थानीय... Read more
रक्षाबंधन आज नहीं, कल ही मनाई जाएगी
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree श्रावणी उपाकर्म व रक्षाबंधन का पर्व आज (30 अगस्त) मनाया जाएगा या कल 31 अगस्त 2023 को. इसको लेकर लोगों में अभी भी संशय बना ह... Read more
कुमाऊं का इतिहास
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree ऐतिहासिक स्तर पर कुमाऊं के ‘संस्कृतीकृत नाम ‘कूर्मांचल’ का सर्वप्रथम अभिलेखीय उल्लेख चम्पावतस्थ नागमंदिर... Read more
रस्किन बॉन्ड की कहानी : पतंगवाला
गली रामनाथ में एक ही पेड़ था. वह बरगद का पेड़ पुरानी मस्जिद की टूटी दीवार के बीच से निकला हुआ था. अली की पतंग उसकी टहनियों में फंस गई थी. फटी क़मीज़ पहने, छोटा-सा अली, नंगे पैरों से गली में... Read more
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree गरीब और पिछले समझे जाने वाले ग्रामीण इलाकों में अनेक ऐसी परंपराएं हैं जो महिलाओं को आर्थिक अधिकार निश्चित करती हैं. महिलाओं... Read more
बहुत पहले उनकी एक प्रकाश्य पुस्तक के नाम ने आकर्षित किया था. नाम था – नागपुर के नक्षत्र. दो साल पहले जब उनके शास्त्री विहार स्थित आवास पर मिलने गया तो अपनी कुछ किताबों के आदान-प्रदान क... Read more
असल पहाड़ी ही जानते हैं नमक के इतने प्रकार
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree पहाड़ों में लोग मेहनतकश होते हैं. पहले सड़कें बहुत कम थी, यातायात के साधन नहीं थे तो आदमी पैदल चला करते थे. मेहनत करने से न... Read more
कुमाऊं के ब्राह्मणों का इतिहास
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree कुमाऊं के ब्राह्मण यहां के चन्द्रवंशी राजाओं के गुरु पुरोहित, उपाध्याय, आचार्य, वैद्य, ज्योतिषी, मंत्री, दरबारी हुए, इन्हीं... Read more
महत्वाकांक्षी फूल : ख़लील जिब्रान की कहानी
एक अतिसुन्दर, छोटा-सा, सुगन्ध देनेवाला नीला फूल था, जो अन्य फूलों के बीच नम्रता से रहता था और उस एकान्त बगीचे में प्रसन्न हो झूमता रहता था. (Mahatavakanskhi Phool Khalil Gibran) एक दिन प्रात... Read more


























