कुत्ते की दुम टेढ़ी क्यों?
कतिपय कारणों से हमारे प्रिय लेखक देवेन मेवाड़ी की सीरीज कहो देबी, कथा कहो इस सप्ताह प्रकाशित नहीं की जा सकी है. सीरीज का अगला हिस्सा अगले सप्ताह नियत दिन प्रकाशित किया जायेगा. इस सप्ताह देवेन... Read more
उत्तराखण्ड का पूर्णागिरि मंदिर
पूर्णागिरि मंदिर उत्तराखण्ड राज्य के चम्पावत जिले के टनकपुर नगर में काली नदी, जिसे शारदा नदी भी कहते हैं, के दाएं किनारे पर स्थित है. चीन, नेपाल और तिब्बत की सीमाओं से घिरे और सामरिक दृष्टि... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 96
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
काठगोदाम का गौरवशाली इतिहास
भारतीय रेलवे पूर्वोत्तर मंडल (North Eastern Railway/NER) के आखिरी रेलवे स्टेशन (Railway Station) के रूप में काठगोदाम (Kathgodam) को हर कोई जानता-पहचानता है. इसके अलावा यह उत्तराखण्ड के कुमाऊ... Read more
पिछली कड़ी का लिंक: हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने- 68 हल्द्वानी शहर (Haldwani City) में विभिन्न सांस्कृतिक (Cutural) टोलियों के साथ बागेश्वर, सालम, जागेश्वर आदि स्थानों से पारम्परिक वा... Read more
मुनस्यारी में बर्फ
बुधवार के दिन भी उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी जारी रही. हिमालय में इस बार पहले के मुकाबले ज्यादा बर्फ पड़ी है. बर्फ गिरने हिमालय के लगभग दस हजार ग्लेशियर के रिचार्ज होने की उम्मीद ह... Read more
क्या है वान एलेन रेडियेशन बेल्ट एक अमेरिकी वैज्ञानिक हुए जेम्स अल्फ्रेड वान एलेन. 7 सितम्बर 1914 को जन्मे वान एलेन यूनिवर्सिटी ऑफ़ आयोवा के अन्तरिक्ष विज्ञान विभाग में काम करते थे. 1958 में उ... Read more
कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 95
डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है – “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि वृहद हिंदी कोश का सन्दर्भ लिया जाए तो उस में लोकोक्ति की परिभाषा इस प्रकार दी गई... Read more
पर्यटन को उत्तराखण्ड के आर्थिक विकास के प्रमुख स्रोत के रूप में देखा जाता रहा है. बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, पञ्च केदार, आदि कैलाश, हरिद्वार, ऋषिकेश, हेमकुण्ड, रीठा साहिब, नानक... Read more
निखालिस पहाड़ी बछेंद्री पाल संसार की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला ‘माउंट एवरेस्ट’ को फतह करने वाली दुनिया की 5वीं और प्रथम भारतीय महिला हैं. इन्होंने यह कारनामा 23 मई, 1984 के दिन 1 बजकर 7 मिनट प... Read more


























