बाजूबन्द : हिमालय की घसियारियों के गीत
पहाड़ की महिला का जीवन यदि किसी से नजरभर भी देखा होगा तो इस बात ने जरुर इत्तेफाक रखेगा कि पहाड़ में महिलाओं का जीवन अत्यंत कठिन है. आज से कुछ दशक पहले तक पहाड़ के गांव आत्मनिर्भर थे. ग्रामीण पर... Read more
बसपा प्रमुख मायावती के प्रधानमंत्री बनने की संभावना से राजनीतिक दलों को जो भी दिक्कत या प्रतिस्पर्धा हो, लेकिन महसूस ये होता है कि परेशानी मीडिया को कुछ ज्यादा है. सपा-बसपा गठबंधन के समय से... Read more
घर पर ऐसे बनता था उत्तराखंड में पिठ्या
उत्तराखंड में सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत पिठ्या लगाकर ही होती है. पिठ्या को यहां अत्यंत शुभ माना जाता है. वर्तमान में पिठ्या जिसे रोली भी कहा जाता है, बाजार में आसानी से मिल जाता है लेकिन... Read more
छूट प्रथा : उत्तराखंड के जौनपुर की प्रथा
उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल में एक खुबसूरत पहाड़ी क्षेत्र है जौनपुर. यमुना के बांयी तरफ स्थित जौनपुर का यह क्षेत्र अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक परम्पराओं, रीति-रिवाज, खान-पान के लिये जाना जाता है. ज... Read more
जब लता मंगेशकर को 500 रुपये मिलते थे, के. आसिफ ने उन्हें एक गाने के 25000 रुपये दिए थे
पटियाला घराने के खलीफा गायक उस्ताद बड़े गुलाम अली खान साहब का जन्म आज ही दिन यानी 2 अप्रैल 1902 को ब्रिटिश भारत की पंजाब रियासत के कसूर नामक स्थान पर हुआ था. विभाजन के बाद कसूर पाकिस्तान का ह... Read more
यह विडम्बना ही है कि जब तक करम सिंह जीवित रहे, वे अन्जान बने रहे. अब जब वह नहीं हैं, हम उनकी खोज कर रहे हैं. अब उनके बारे में यथेष्ठ और प्रमाणिक जानकारी नहीं है. 1966 में जब मैंने अपने अध्यय... Read more
पिथौरागढ़ मुख्य शहर से 3 किमी की दूरी पर स्थित है मां भगवती का वरदानी देवी मंदिर. चंडाक जाने वाली सड़क पर मुख्य सड़क से लगभग 75 मीटर नीचे की ओर मां भगवती का यह सुंदर मंदिर स्थित है. यहां से मोष... Read more
गुरु अंगद देव, ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ, Guru Angad Dev (31 मार्च 1504 से 16 अप्रैल 1552) गुरु अंगद देव सिख धर्म में मनुष्य के रूप में अध्यात्मिक गुरु का दर्जा पाने वाले 10 गुरुओं में से एक हैं. वे सि... Read more
1930 और 1940 के दशकों में भारतीय फिल्मों की सबसे मशहूर नायिका हुआ करती थीं देविका रानी चौधरी उर्फ़ देविका रानी (30 मार्च 1908 – 9 मार्च 1994). ‘द फर्स्ट लेडी ऑफ़ इन्डियन सिनेमा’ के नाम से मशहू... Read more
डिकर: वनस्पतियों से निर्मित देव प्रतिमाएँ
डिकर का मतलब है पूजे जाने के लिए बनायी जाने वाली मूर्ति या वनस्पतियों से निर्मित देव प्रतिमाएँ. इनका निर्माण मुख्यतः कर्क संक्रांति पर मनाये जाने वाले संक्रान्तोत्सव, हरेला, जन्माष्टमी, सातू... Read more



























