12 नवम्बर, 2019 की रात वैकुंठ चतुर्दशी मेला, श्रीनगर (गढ़वाल) में गढ़-कुमाऊंनी कवि सम्मेलन के मंच पर नरेन्द्र सिंह नेगी एवं अन्य कवियों के मध्य जनकवि हीरा सिंह राणा भी शोभायमान थे. प्रिय मित... Read more
बैंक से कर्जा लेकर कुमाऊंनी भाषा की पहली फिल्म बनाने वाले ‘जीवन सिंह बिष्ट’ का जन्मदिन है आज
अस्सी का दशक था और गढ़वाली भाषा में एक के बाद एक तीन फ़िल्में आ चुकी थी. कुमाऊनी लोग अब भी इंतजार में थी अपनी पहली कुमाऊनी फिल्म के. लोग हिम्मत करते पर फिर आर्थिक स्थिति के चलते हार मान लेते.... Read more
गंगा के अविरल प्रवाह के लिए संघर्षरत ऋषि ने उसी के दक्षिणी तट पर प्राणों की पूर्णाहुति के साथ अपने जीवन को विराम दिया. 95 वर्षीय पर्यावरण संत, सुंदर लाल बहुगुणा 8 मई 2021 को एम्स ऋषिकेश में... Read more
जाति की जड़ता जाये तो उसके जाने का जश्न मनायें
उत्तराखंड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992) का आज जन्मदिन है. सन् 1930 में 18 वर्ष की किशोरावस्था में निरंकुश बिट्रिश सत... Read more
अल्मोड़े के नौला गाँव में जन्मे मथुरादत्त मठपाल ने आज सुबह अंतिम साँस ली. मथुरादत्त मठपाल कुमाऊनी के अभिभावकों में एक थे. मथुरा दत्त मठपाल गढ़वाली और कुमाऊनी बोली के संरक्षण के लिये संघर्षरत... Read more
उत्तराखण्ड की लक्ष्मी रावत बनीं ‘श्रीराम सेंटर फॉर परफार्मिंग आर्ट’ की वर्कशाप डायरेक्टर
उत्तराखण्ड मूल की थियेटर आर्टिस्ट लक्ष्मी रावत देश के बड़े थियेटर ग्रुपों में शुमार ‘श्रीराम सेंटर फॉर परफार्मिंग आर्ट’ की नयी वर्कशाप डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त की गयी हैं. अपनी नयी भूमिका... Read more
बीते 18 मार्च को उत्तराखण्ड में सामाजिक चेतना के अग्रदूत ‘बिहारी लालजी’ का निधन हो गया. सर्वोदयी विचारधारा के अग्रणी बिहारी लाल जी ने टिहरी जनपद की बालगंगा घाटी में स्थित प्राचीन... Read more
मुनस्यारी कस्बे से 35 किमी की दूरी पर खड़ी चढ़ाई पार करने के बाद बौन गांव आता है. साल 1989 में इसी गांव में रहने वाला 16 साल का एक लड़का रोजगार की तलाश में लखनऊ जाता है. इस साल प्रसिद्ध पर्वतार... Read more
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अनेक लोगों ने योगदान दिया. बड़े नेताओं के अलावा ऐसे हज़ारों नाम हैं जो आज भी गुमनाम हैं. उत्तराखंड के ऐसे हज़ारों वीर हैं जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई में अपने जान... Read more
ये आकाशवाणी है, अब आप देवकी नंदन पांडे से समाचार सुनिए… रात के पौने नौ बजे भारत के घर-घर में दशकों तक इस पंक्ति को सुना गया. अपने जीवन काल में ही लैजेंड बन गये देवकी नंदन पांडे की आवाज... Read more


























