नीम करोली बाबा की महासमाधि का दिन
बाबा के आदेश से जब गाडी मथुरा में रुकी तो वे सभी रेलगाड़ी से उतर गए स्टेशन पर कुछ भक्तों ने बाबा के पैर छूए. कुछ समय बाद बाबा ने अपनी आँखें बंद कर दीं और उनके शरीर से पसीना छूटने लगा. उन्हों... Read more
पॉलीथिन बाबा का प्रभात
गाँधी जयंती पर देश को पॉलिथीन मुक्त करने का सन्देश लालकिले की प्राचीर से देते मोदी बाबा. हिमालय बचाओ पॉलिथीन हटाओ,ग्रेस मार्क्स की जगह ग्रीन मार्क्स की घोषणा करते मानव संसाधन मंत्री निशंक. अ... Read more
आज जनकवि गिरीश चन्द्र तिवारी का जन्मदिन है. उनके जन्म दिन पर अल्मोड़ा के नगरपालिका सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. स्व विजय जोशी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जन सहयोग से लोकगायक... Read more
पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त के बचपन की तस्वीरें
बहुत कम लोग इस बात के जानते हैं कि पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त का जन्म 30 अगस्त 1887 में अनंत चतुर्दशी के दिन हुआ था. 1946 में जब पन्त जी दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो अनंत चतुर्... Read more
खुद में ही पूरा बैंड हैं उत्तराखण्ड के दीप रजवार
रामनगर में रहने वाले युवा दीप रजवार एक वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर के तौर पर अच्छा नाम रखते हैं. कॉर्बेट पार्क से जुड़ी उनकी तस्वीरें विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं. फोटोग्राफर... Read more
कंचन चौधरी भट्टाचार्य और माखन सिंह का किस्सा
कल रात दिवंगत हुई पूर्व डीजीपी कंचन चौधरी भट्टाचार्य ने आज से कोई दो वर्ष पहले अगस्त 2017 में सेंट पॉल इंस्टीट्यूट ऑफ़ कम्यूनिकेशन एजूकेशन, मुम्बई में छात्रों को संबोधित किया था. अपनी इस बात... Read more
अल्बानियाई जड़ों से कलकत्ते आई थी मदर
वर्ष 1910 में आज के दिन जन्मीं मदर टेरेसा को 1979 में नोबेल शान्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. युगोस्लाविया के स्कोप्ये नगर में जन्मीं मदर टेरेसा का वास्तविक नाम एग्नेस गोंक्सा बोयाक्स... Read more
एक दौर था नैनीताल में – काली अचकन और सफेद चूड़ीदार पजामे में एक आकर्षक व्यक्तित्व आपको शाम के वक्त मालरोड पर हाथ में एक हस्तलिखित पर्चा थमाकर “कल गोष्ठी में जरूर आईयेगा’’ कहकर ग... Read more
गिर्दा का एक इंटरव्यू जिसे जरूर पढ़ा जाना चाहिये
गिरदा की 9वीं पुण्यतिथि पर वरिष्ठ पत्रकार ध्रुव रौतेला से वर्ष 2006 में प्रकाशित उनकी बातचीत का अंश : आप आखिर क्यों गैरसैंण के पीछे पड़े हुए हैं, किसके लिएॽ अब लड़ाई अपनों से है क्योंकि यह... Read more
पहाड़ के गांधी इन्द्रमणि बडोनी : जन्मदिन विशेष
1994 का वर्ष था, तारीख थी 2 अगस्त. लम्बी दाढ़ी वाला एक दुबला पतला एक बूढा पौढ़ी प्रेक्षागृह के सामने अनशन पर बैठा था. उसकी मांग थी पृथक उत्तराखंड की. 7 अगस्त के दिन उसे जबरदस्ती उठाकर मेरठ के... Read more



























