पहाड़ की सिन्ड्रेला ‘सूनिमाया’ की कहानी
यहाँ नेपाल की एक मनमोहक लोककथा हिंदी में प्रस्तुत है, जिसमें एक मासूम लड़की सूनिमाया की कहनी बयां की गई है. यह कहानी सौतेली माँ के दुर्व्यवहार, एक पिता के प्रेम, और नेकदिल प्राणियों की मदद स... Read more
नगरूघाट मेला : यहाँ लगती है “मितज्यू” की अनूठी डोर
उत्तराखंड की मिट्टी में लोक परंपराओं की खुशबू रची-बसी है. हर पर्व, हर मेला यहाँ सिर्फ उत्सव नहीं होता, बल्कि सामाजिक एकता और मानवता का प्रतीक भी बन जाता है. ऐसी ही एक अद्भुत परंपरा का गवाह ह... Read more
वीर गढ़ू सुम्याल और सती सरू कुमैण की गाथा
कहानी शुरू होती है बहुत पुराने जमाने से, जब रुद्र राउत मल्ली खिमसारी का थोकदार था और उसका चचेरा भाई ऊदी राउत तल्ली खिमसारी का. दोनों रुद्रपुर के पास रहते थे. एक दिन ऊदी अपने बड़े भाई रुद्र स... Read more
वैश्वीकरण के युग में अस्तित्व खोते पश्चिमी रामगंगा घाटी के परम्परागत आभूषण
रामगंगा घाटी की स्थानीय बोली में आभूषणों को ‘हतकान’ कहा जाता है, इससे ज्ञात होता है कि प्राचीन समय में यहाँ के लोग कान और हाथों के आभूषणों से ही परिचित थे। इन दोनों अंगों को अलंकृत करने वाले... Read more
उत्तराखंड की संस्कृति
उत्तराखंड, जिसे प्यार से “देवभूमि” कहा जाता है, उस अद्भुत सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध इस पहाड़ी राज्य की संस्कृति में लोगों की सादगी, प्रकृत... Read more
आज मनाया जाता है दसौर यानी गंगा दशहरा पर्व
पहाड़ों में इसे दसार या दसौर भी कहते हैं. दसार या दसौर यानी गंगा दशहरा. उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में इस पर्व की खूब मान्यता है. इस वर्ष गंगा दशहरा 16 जून को पड़ रहा है. कुमाऊं क्षेत्र के ह... Read more
आज फूलदेई है
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree आज फूलदेई है, प्रकृति की गोद में पलने और बढ़ने वाले पहाड़ियों का पर्व फूलदेई. प्रकृति का हर रंग पहाड़ियों के जीवन में मौजूद... Read more
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) का भारत रंग महोत्सव आज से नैनीताल जिले के रामनगर में शुरू होने जा रहा है. विश्व का सबसे बड़ा थिएटर फेस्टिवल इस साल 1 फ़रवरी को मुंबई से शुरू हुआ था. यह भारत... Read more
रामनगर में दुनिया का सब से बड़ा नाट्य उत्सव
‘वसुधैव कुटुंबकम-वंदे भारंगम’ की टैगलाइन के साथ दुनिया के सबसे बड़े नाट्य महोत्सव का 24वां संस्करण एक फ़रवरी से देश के 15 शहरों में आयोजित किया जा रहा है. भारंगम-24 के दौरान देश के... Read more
क काथ: लछू कुठ्यारीक च्याल
भौत पैलियकि बात छ. एक गौं में लछू कुठ्यारीक नूंक एक विद्वान बामण रूनेर भा. जो भौत पढ़ी लेखी और भाल मैस लै भा. इलाक में उनरी भौत इज्जत भै. पर पूरब जनमाक करमनि लछू कुठ्यारीक एक एक कै छ च्... Read more


























