संस्कृति

सरोल विवाह पद्धति: बिना दूल्हे वाली बारात की परम्परा

उत्तराखंड का कुमाऊं अंचल अपनी अनूठी और प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता है. समय के साथ यहां के…

8 months ago

बदलते दौर में भी कुमाऊं के गाँवों ने जिंदा रखी हैं अपनी प्राचीन परंपराएं

उत्तराखंड राज्य में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़ जिलों में रहने वाले लोग कुमाऊनी कहलाते हैं. नैनीताल जिले के पर्वतीय…

8 months ago

उत्तराखंड में महाभारत कथा से जुड़ी कुछ जरूरी किताबें और शोध

कुमाऊं में प्रचलित महाभारत कथाओं पर शोध अलग-अलग समय और हिस्सों में हुआ है. अब तक डॉ. रामसिंह, पद्मादत्त पन्त…

8 months ago

जनपद पिथौरागढ़ के मेले

लोक जीवन में मेलों का एक अलग स्थान है. मेले, कष्टसाध्य जीवन जीते पर्वतीय लोगों को अपने प्रियजनों, नाते-रिश्तेदारों और…

8 months ago

पहाड़ की शादियां

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की शादियां और वहां के रीति-रिवाज अपने आप में बहुत अनोखे हैं. समय के साथ शादियों…

8 months ago

गढ़वाल की पांडव लीला

गढ़वाल की एक विस्तृत लोक धार्मिक परंपरा का नाम है पांडव नृत्य. पांडव नृत्य ही ‘पांडव लीला’ भी कहा जाता…

1 year ago

हरिद्वार के 5 आदिकालीन और रहस्यमयी शिव मंदिर

धर्मनगरी हरिद्वार को सिर्फ गंगा मैया के घाटों के लिए ही नहीं, बल्कि यहाँ के प्राचीन और चमत्कारी शिव मंदिरों…

1 year ago

वीर गढ़ू सुम्याल और सती सरू कुमैण की गाथा

कहानी शुरू होती है बहुत पुराने जमाने से, जब रुद्र राउत मल्ली खिमसारी का थोकदार था और उसका चचेरा भाई…

1 year ago

वैश्वीकरण के युग में अस्तित्व खोते पश्चिमी रामगंगा घाटी के परम्परागत आभूषण

रामगंगा घाटी की स्थानीय बोली में आभूषणों को ‘हतकान’ कहा जाता है, इससे ज्ञात होता है कि प्राचीन समय में…

1 year ago

उत्तराखंड की संस्कृति

उत्तराखंड, जिसे प्यार से "देवभूमि" कहा जाता है, उस अद्भुत सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध इस…

2 years ago