संस्कृति

चतुर कमला और उसके आलसी पति की कहानी

बहुत पुराने समय की बात है, एक पंजाबी गाँव में कमला नाम की एक स्त्री रहती थी. उसका पति, एक…

5 months ago

पुष्पदन्त और माल्यवान को मिला श्राप

महान हिमवत्, पर्वतों के राजा के रूप में प्रसिद्ध हैं और किन्नरों, गंधर्वों तथा विद्याधरों का निवास स्थान हैं. वे…

5 months ago

डुंगरी गरासिया-कवा और कवी: महाप्रलय की कथा

यह कहानी है बहुत पुराने जमाने की, जब जंगल घने हुआ करते थे और उनमें भालू, भेड़िये, शेर, चीते, सियार…

5 months ago

महान सिदुवा-बिदुवा और खैंट पर्वत की परियाँ

बहुत समय पहले तिब्बत में सोनपाल नाम का एक राजा राज करता था. उसकी सात बेटियाँ थीं, जिनमें सबसे बड़ी…

5 months ago

अद्भुत है राजा ब्रह्मदेव और उनकी सात बेटियों के शौर्य की गाथा

बहुत समय पहले कत्यूरगढ़ के सुंदर किले पर एक वीर और रूपवान राजा ब्रह्मदेव राज करते थे. उनके पिता का…

5 months ago

कैंची धाम का प्रसाद: क्यों खास हैं बाबा नीम करौली महाराज के मालपुए?

उत्तराखंड के नैनीताल ज़िले में स्थित कैंची धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है. बाबा…

5 months ago

पहाड़ की सिन्ड्रेला ‘सूनिमाया’ की कहानी

यहाँ नेपाल की एक मनमोहक लोककथा हिंदी में प्रस्तुत है, जिसमें एक मासूम लड़की सूनिमाया की कहनी बयां की गई…

6 months ago

नगरूघाट मेला : यहाँ लगती है “मितज्यू” की अनूठी डोर

उत्तराखंड की मिट्टी में लोक परंपराओं की खुशबू रची-बसी है. हर पर्व, हर मेला यहाँ सिर्फ उत्सव नहीं होता, बल्कि…

6 months ago

वीर गढ़ू सुम्याल और सती सरू कुमैण की गाथा

कहानी शुरू होती है बहुत पुराने जमाने से, जब रुद्र राउत मल्ली खिमसारी का थोकदार था और उसका चचेरा भाई…

1 year ago

वैश्वीकरण के युग में अस्तित्व खोते पश्चिमी रामगंगा घाटी के परम्परागत आभूषण

रामगंगा घाटी की स्थानीय बोली में आभूषणों को ‘हतकान’ कहा जाता है, इससे ज्ञात होता है कि प्राचीन समय में…

1 year ago