कत्यूरी व चन्द शासकों की कुल देवी चम्पावती
कुमाऊँ के पूर्वी क्षेत्र के जिले चम्पावत में पूजी जाने वाली देवी है, चम्पवाती देवी. वे चम्पावत के आम जन के साथ ही कत्यूरी व चन्द शासकों की कुलदेवी भी हैं. इनका पूजास्थल चन्द शासकों द्वारा स्... Read more
पांगू के देवता श्यांगसै और माँ पूर्णागिरी की कथा
Read in English: Myth of Shyangse God of Pangu and Purnagiri Mata भारत के उत्तराखण्ड राज्य के पांगू नामक गांव में श्यांगसै नामक मंदिर है. वह गांव के स्थानीय लोगों के कुल देवता है. चौंदास क... Read more
Myth of Shyangse God of Pangu and Purnagiri Mata
हिन्दी में पढ़ें: पांगू के देवता श्यांगसै और माँ पूर्णागिरी की कथा In the village of Pangu in Uttrakhand of India is the temple of Shyangse. Nearby in Chaudans is a temple of the mother godde... Read more
भिटौली के महीने में गायी जाती है गोरिधना की कथा
जेठ म्हैणा जेठ होली, रंगीलो बैसाख, रंगीलो बैसाख लाड़ो म्हैणा, योछ चैतोलिया मास. बैणा वे येछ गोरी रैणा मैणा ऋतु मयाल. कुमाऊँ के जोहार अंचल में गाये जाने वाले इस गीत का भाव है— जेठ का महीना सबस... Read more
चीर बंधन के साथ होती है खड़ी होली की शुरुआत
कुमाऊनी होली में है ब्रज का प्रभाव कुमाऊँ में अधिकतर त्यौहार मौसम चक्र के बदलने या फिर फसलों को बोने या फिर उन्हें काटने के बाद ही मनाये जाते रहे हैं. इस तरह हमारे त्यौहार हमें जीवन चक्र की... Read more
बच्चों के हर्ष व उल्लास का त्यौहार है फूलदेई
सांस्कृतिक विविधता के मामले में उत्तराखण्ड की अपनी एक अलग पहचान है. यहां हर महीने कोई न कोई त्यौहार मनाया ही जाता है, जिनमें से कई बदलती जीवन शैली के कारण अब लुप्त होने की कगार तक पहुँच गए ह... Read more
फूलदेई: बाजार की मार से हांफता त्यौहार
बात ज्यादा पुरानी भी नहीं है. उत्तराखण्ड के पहाड़ की तलहटी पर कुछ बसावटें कस्बे के सांचे में ढल रही थी. ये कस्बे तिजारत के अड्डों से ज्यादा कुछ नहीं थे. इनमें ज्यादातर पहाड़ी लोग ही आ बसे थे.... Read more
फुलदेई की फुल्यारी बसंत के रंग
फुलदेई, फुल्यारी के रंग फुलदेई का त्यौहार (Phool Dei Festival) उत्तराखण्ड में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है. जितने रंग बसंत के हैं उतने ही इस त्यौहार के भी. गढ़वाल मंडल (Garhwal) में यह त्य... Read more
बसंत के इस्तकबाल का त्यौहार है फूलदेई
ऋतुराज बसंत का स्वागत उत्तराखण्ड को देवभूमि के साथ उत्सवों की भी भूमि कहा जाय तो गलत नहीं होगा. यहाँ साल भर उत्सव, पर्व, त्यौहार, मेलों की धूम रहती है. बसंत के आगमन का स्वागत भी उत्तराखण्ड (... Read more
विश्व में सबसे ऊंचा शिव मंदिर है तुंगनाथ
समुद्र की सतह से 3680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ (Tungnath) मंदिर की गिनती पञ्चकेदार में होती है. उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित यह मंदिर चमोली और गोपेश्वर से क्रम... Read more


























