लोककथा ‘सूरज के रथ का दाहिना घोड़ा’
एक था राजा, एक थी रानी. उनके पास सिपाही, घोड़े, दास-दासियाँ, धन दौलत सबकुछ था, सिर्फ उन्हें संतान नहीं थी. इसी कारण राजा-रानी बहुत ही दुःखी रहते थे. संतान-प्राप्ति के लिए उन्होंने हर तरह का... Read more
उमस्यारी गांव की जैता नाम कि एक लड़की भेलस्यूं नाम के गांव में ब्याही गयी. जैता का पति बिलकुल खड़बुद्धि था. पति के अलावा जैता के परिवार में एक ननद, एक देवर और सास थी. जैता का पति उसकी एक न स... Read more
लोककथा : बूढ़े का सोने की अशरफियों भरा बक्सा
गांव के उपजाऊ खेतों, फलदार बगीचों से इतना हो जाता था कि उसे संपन्न कहा जा सकता था. सुखी वैवाहिक जीवन से उसे सात लड़के मिले. पत्नी के आख़िरी प्रसव के दौरान मृत्यु ने उसे तोड़ दिया लेकिन बच्चो... Read more
सफ़ेद सांप जिसने एक सेवक की जिन्दगी बदल दी- लोककथा
बहुत पुरानी बात है. एक राजा था, जो अपनी बुद्धि और ज्ञान के लिए अपने ही राज्य में नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों में भी बड़ा प्रसिद्ध था. संसार में ऐसी कोई वस्तु नहीं थी, जिसका उसे ज्ञान न हो. कोई... Read more
लोक कथा : सोने की बत्तख
एक गांव में रहने वाले निर्धन दंपत्ति के तीन बेटे थे. बड़ा बेटा माँ का प्यारा था तो मंझला पिता का दुलारा. लेकिन छोटा बेटा घर में किसी को प्रिय नहीं था, सब उसे उपेक्षा के भाव से देखा करते थे.... Read more
सियार का फैसला- लोक कथा
एक सियार था. एक बार वह अपने शिकार की तलाश में निकला. उसने दूर से देखा, एक आदमी एक बाघ के आगे-आगे चल रहा है. उसे बात समझ न आई और वह छुप-छुपकर उनका पीछा करने लगा. तभी उसे आदमी की आवाज़ सुनाई प... Read more
लोक कथा : आगे की लकड़ी जलकर पीछे ही आती है
किसी गांव में एक बूढ़ी अपनी बहू के साथ रहा करती थी. बूढ़ी सास का शरीर जर्जर हो चुका था, वह अक्सर बीमार रहती थी. सास को हाथ-पाँव जवाब दे चुकने के बाद घर पर बहू का ही राज था. बुढ़िया की सेवा क... Read more
लोक कथा : चालाक शत्रु
एक बार जंगल में एक तेंदुआ, एक भेड़िया, बिल्ली, लोमड़ी और एक चूहे ने हिरन को मारने की योजना बनाई. यह ऐसा काम था जिसे वे कोई भी अकेले नहीं कर सकते थे. चालाक लोमड़ी ने कहा, “जब वो सो रहा होगा त... Read more
लोक कथा : भाई-बहन
दुर्गम और बीहड़ गांव में भाई-बहन रहा करते थे. उन दोनों का और कोई नहीं था. बस किसी तरह गुजर-बसर हो रही थी. फिर वह दिन भी आया जब बहन की शादी हो गयी. भाई अकेला रह गया तो उसकी मुश्किलें और ज्याद... Read more
लोक कथा : धोती निचोड़ी और टपके मोती
उस वृद्ध के पास ऐसा जीवन था जिस से संतुष्ट हुआ जा सकता है. भरा पूरा परिवार— जिसमें सात पुत्र थे, सभी बाहर दूर देस में काम-काज किया करते थे. घर में सात बहुएं थीं. बूढ़ा सुबह नदी में स्नान करत... Read more


























