डुंगरी गरासिया-कवा और कवी: महाप्रलय की कथा
यह कहानी है बहुत पुराने जमाने की, जब जंगल घने हुआ करते थे और उनमें भालू, भेड़िये, शेर, चीते, सियार और जंगली सूअरों का बसेरा था. ये जानवर जंगली जरूर थे, पर सिर्फ जीवन-यापन के लिए शिकार करते थ... Read more
महान सिदुवा-बिदुवा और खैंट पर्वत की परियाँ
बहुत समय पहले तिब्बत में सोनपाल नाम का एक राजा राज करता था. उसकी सात बेटियाँ थीं, जिनमें सबसे बड़ी थी जोत्रामाला. उसकी सुंदरता ऐसी थी जैसे पूर्णिमा का चाँद धरती पर उतर आया हो. जोत्रामाला हर... Read more
बहुत समय पहले कत्यूरगढ़ के सुंदर किले पर एक वीर और रूपवान राजा ब्रह्मदेव राज करते थे. उनके पिता का नाम गंभीरदेव था. ब्रह्मदेव दिखने में बहुत सुंदर और बलशाली थे — उनकी मूँछें शेर जैसी, आँखें... Read more
पहाड़ की सिन्ड्रेला ‘सूनिमाया’ की कहानी
यहाँ नेपाल की एक मनमोहक लोककथा हिंदी में प्रस्तुत है, जिसमें एक मासूम लड़की सूनिमाया की कहनी बयां की गई है. यह कहानी सौतेली माँ के दुर्व्यवहार, एक पिता के प्रेम, और नेकदिल प्राणियों की मदद स... Read more
वीर गढ़ू सुम्याल और सती सरू कुमैण की गाथा
कहानी शुरू होती है बहुत पुराने जमाने से, जब रुद्र राउत मल्ली खिमसारी का थोकदार था और उसका चचेरा भाई ऊदी राउत तल्ली खिमसारी का. दोनों रुद्रपुर के पास रहते थे. एक दिन ऊदी अपने बड़े भाई रुद्र स... Read more
क काथ: लछू कुठ्यारीक च्याल
भौत पैलियकि बात छ. एक गौं में लछू कुठ्यारीक नूंक एक विद्वान बामण रूनेर भा. जो भौत पढ़ी लेखी और भाल मैस लै भा. इलाक में उनरी भौत इज्जत भै. पर पूरब जनमाक करमनि लछू कुठ्यारीक एक एक कै छ च्... Read more
इगास से जुड़ी एक कथा
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree पहाड़ का जीवन कृषि आधारित रहा है. कृषि के लिये पहाड़ी न जाने कितने बरसों से पशुओं पर निर्भर रहे. अपने आंगन में पशुओं से बात... Read more
एक निशाने में सात बाघ ढेर करने वाली पहाड़ी फसक
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree पहाड़ में एक शब्द प्रचलित था काना खुरो. काना खुरो अव्वल दर्जे के गपोड़ियों के लिये प्रयोग किया जाने वाला शब्द है. काना खुरो... Read more
पौराणिक कथाओं में ऋषिकेश
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree उत्तराखंड स्थित ऋषिकेश को दुनिया आज ‘योग की राजधानी’ के तौर पर जानती है. ऋषिकेश उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटक स्थलों में एक है... Read more
सातों-आठों में कही जाने वाली लोककथा
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree कुमाऊं का लोक पर्व सातों-आठों अपने पूरे रंग में है. कुमाऊं के गांव अपने दीदी-भिना संग उत्सव मना रहे हैं. सातों-आठों लोकपर्व... Read more


























