घमंडी पिता और उसकी सीख
हिमालय की ऊँची पहाड़ियों के बीच एक छोटा-सा गाँव था. पत्थर के घर, देवदार के जंगल और पास ही बहती ठंडी नदी; यही वहाँ की पहचान थी. उसी गाँव में एक किसान रहता था. मेहनती था, लेकिन उससे भी ज़्यादा... Read more
उत्तराखंड के पेड़-पौधे: लोकज्ञान और औषधीय सत्य
कहा जाता है कि एक बार हिमालय में एक वैद्य गुरु अपने शिष्यों की शिक्षा पूरी होने पर अंतिम परीक्षा ले रहे थे. गुरु ने सब शिष्यों से कहा “हिमालय से ऐसा कोई पेड़ या पौधा खोजकर लाओ जो किसी काम का... Read more
सामाजिक उत्पीड़न कुमाऊँ के लोकगीतों में अनेक प्रकार से उभरा है. इन गीतों का कोई अंग यदि इस उत्पीड़न को सम्पूर्णता में व्यक्त करता है तो वह है कुमाऊँ के ‘जागर गीत’. आंचलिक देवी-दे... Read more
‘काल्द’ यानी भैरव पहली बार कैसे प्रकट हुए?
इस कहानी को विलियम एस. सैक्स की पुस्तक God of Justice से लिया गया है. यह पुस्तक गढ़वाल और मध्य हिमालय क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं और लोकदेवताओं पर आधारित एक अध्ययन है. पुस्तक में भैरव जैसे द... Read more
उपकोशा और उसके वर
उपकोशा और उसके वर वररुचि जब अपने गुरुओं व्यादि और इन्द्रदत्त के साथ विद्याध्ययन कर रहे थे, उसी समय एक दिन इन्द्रोत्सव के दौरान उनकी दृष्टि एक अत्यंत सुंदर युवती पर पड़ी. वह सौंदर्य में ऐसी थ... Read more
मेहनती भालू और चालाक सियार की लोककथा
हिमालय की घनी घाटियों और देवदार के जंगलों के बीच एक शांत इलाका था. वहाँ एक ताक़तवर भालू रहता था. उसका शरीर भारी था, आवाज़ गहरी और दिल सीधा-सादा. उसे जंगल के नियमों पर भरोसा था—जो मेहनत करे,... Read more
बहुत पहले की बात है. हिमालय की तलहटी में बसे एक घने जंगल और उसके पास बसे गाँवों में एक बंदर रहता था. उसका नाम था बहादुर पून. नाम के अनुसार वह सचमुच बहादुर तो था, लेकिन उसकी सबसे बड़ी ताक़त उ... Read more
एक रोटी, तीन मुसाफ़िर : लोभ से सीख तक की लोक कथा
पुराने समय की बात है. हिमालय की तराइयों और पहाड़ी रास्तों से होकर जाने वाले एक लंबे पैदल मार्ग पर तीन मुसाफ़िर सफ़र कर रहे थे. तीनों अलग-अलग जगहों से आए थे, लेकिन मंज़िल कुछ समय के लिए एक ही... Read more
इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक स्मृति के मौन संरक्षक
हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड के गांवों और कस्बों में जब कोई आगंतुक किसी पुराने घर या मंदिर के सामने ठहरता है, तो सबसे पहले उसकी दृष्टि जिस तत्व पर टिकती है, वह है – नक्काशीदार लकड़ी... Read more
विश्व के लगभग हर महाद्वीप में ऐसे व्यक्ति पाए जाते हैं जिन्हें बीमारी, संकट और मानसिक असंतुलन से निपटने का विशेष अधिकार दिया जाता है. मानवशास्त्र में इन्हें सामान्यतः शामन कहा जाता है. साइबे... Read more


























