छिपलाकेदार: फूलों की घाटी और ब्रह्म कमल के मैदान
नेपाल व तिब्बत से सटे सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ की मुनस्यारी व धारचूला तहसील के बीच स्थित है छिपलाकेदार. हिमाच्छादित चोटियों को पृष्ठभूमि में लिए 14 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित यह नैसर्गिक बुग्य... Read more
इन दिनों भारत सरकार द्वारा संचालित की जाने वाली बहु-प्रतीक्षित कैलाश- मानसरोवर यात्रा चल रही है. दिल्ली से शुरू होने वाली इस मुश्किल यात्रा में सीमित संख्या में यात्रियों का चयन किया जाता है... Read more
काफल ट्री के नियमित पाठक युवा फोटोग्राफर अमित साह के नाम से परिचित हैं. उनके काम की अनेक शानदार बानगियाँ आपको समय-समय पर दिखाते रहे हैं. अमित साह की तस्वीरों की एक ख़ास बात यह है कि उनकी हर त... Read more
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से कुछ तस्वीरें
जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय पार्क उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल के नैनीताल जिले में है. 1936 में इस पार्क की स्थापना हेली नेशनल पार्क के नाम से बंगाल टाइगर के संरक्षण के उद्देश्य से की गयी थी. बाद में... Read more
मसूरी का इतिहास
उत्तराखण्ड के गढ़वाल मण्डल के पहाड़ी कस्बे मसूरी को पहाड़ों की राजधानी भी कहा जाता है. मसूरी उत्तराखण्ड का सबसे ज्यादा लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, यहाँ हर साल सबसे ज्यादा सैलानी आया करते हैं. र... Read more
महंत कहते हैं क्यूंकालेश्वर नहीं कंकालेश्वर है पौड़ी के इस विख्यात मंदिर का असली नाम
पौड़ी गढ़वाल में स्थित विख्यात कंकालेश्वर मंदिर को पर्यटन विभाग क्यूंकालेश्वर मंदिर के नाम से प्रचारित करता है अलबत्ता वहां रहने वाले महंत कहते हैं कि इसका वास्तविक नाम कंकालेश्वर है. वे मंद... Read more
बेदिनी बुग्याल: मखमली घास का हिमालयी मैदान
उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल के चमोली जिले में है सबसे बड़ा बुग्याल. बुग्याल ट्री लाइन और साल में ज्यादातर समय बर्फ से ढंके रहने वाले वनस्पतिविहीन हिमालय के बीच के उस क्षेत्र को कहा जाता है जहा... Read more
पौड़ी का कण्डोलिया ठाकुर मंदिर
माना जाता है कि चंद साम्राज्य की राजधानी चम्पावत से डुंगरियाल-नेगी जातियों से सम्बन्ध रखने वाले कुछ परिवार अपना मूल स्थान छोड़ कर पौड़ी में आ कर बसे थे. जैसी कि परम्परा थी इस तरह स्थान बदलने व... Read more
1931 में अंग्रेज पर्वतारोही फ्रेंक सिडनी और होल्ड्स वर्थ कामेट पर्वत से रास्ता भटककर एक सुरम्य घाटी में पहुँच गए. यह घाटी सैंकड़ों प्रजातियों के रंग-बिरंगे जंगली फूलों से अटी पड़ी थी. हरे घा... Read more
क्या है रूप कुंड की मानव अस्थियों का सच
उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल की हिमालयी झील रूप कुंड के पास पाया गया हड्डियों और मानव कंकालों का ढेर हाल के वर्षो की रोमांचकारी ऐतिहासिक खोज है. 18000 फीट की ऊंचाई पर साल भर बर्फ से ढंके रहने वा... Read more


























