टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वैदर रोड पर बिताई दो रातें
सितम्बर का महीना था. मौसम का मिज़ाज इस कदर बदला हुआ था कि चौमासे में बारिश ना के बराबर हुई. सितम्बर मध्य में मौसम विभाग ने पहाड़ों में 3 दिन बारिश का अलर्ट जारी किया. पहाड़ों में बारिश होना... Read more
पहाड़ियों के प्यारे काफल के सेहतमंद फायदे
काफल का तो नाम सुनते ही हर पहाड़ी यादों के गहरे समुद्र में खो जाता है. हर पहाड़ी के पास काफल को लेकर कोई न कोई किस्सा जरुर होता है. ठेठ पहाड़ियों के काफल खाने के तरीके सुनकर तो मुंह में पानी... Read more
सानन थैं पधान हो कयो, रात्ति में बांगो
हमारे अंचल में एक किस्सा प्रचलित है, कहा जाता है कि किसी जमाने में, जब पेड़-पौधे, पंछी-जानवर इंसानों की तरह बात करते थे. उस जमाने में जानवरों ने अपना प्रधान शेर को बनाया तो पंछियों ने चील को... Read more
चीड़ के वनों से जुड़ी कुछ भ्रांतियाँ और तथ्य
हिमालयी क्षेत्रों में वर्षों से वनाग्नि की घटनाएं होती रही हैं और इन वनाग्नियों के पीछे कुछ प्राकृतिक और अनेक मानव जनित कारण रहे हैं. हाल के कुछ वर्षों में इन घटनाओं के पीछे जो सबसे बड़ा कार... Read more
अल्मोड़ा में अंग्रेज टैक्सी से आया या घोड़े पर, यह तो काल-यात्रा से ही पता लगेगा लेकिन उसका यहां तक पहुंचना, औपनिवेशिक विस्तार के बहुत बड़े आख्यान का छोटा सा हिस्सा भर है. जब अंग्रेज अल्मोड़... Read more
बचपन में रंग-बिरंगी तितली के पीछे भागना कई लोगों का सबसे प्रिय सगल रहा है. अक्सर किताबों में दिखने वाली तितलियाँ पहाड़ में पलने वाले बच्चों के जीवन का असल रंग हुआ करती थी. जिन्दगी की दौड़ मे... Read more
चोपता : खूबसूरत गुलाबी बुराँश का अदभुत संसार
चोपता उत्तराखंड की सबसे खुबसूरत जगहों के रूप ने जानी जाती है. दो हजार छः सौ आठ मीटर की ऊंचाई पर स्थित चोपता ऐसा लगता है मानो गढ़वाल हिमालय में किसी ने स्वर्ग का टुकड़ा रख दिया हो. बर्फ की चो... Read more
उत्तराखण्ड से जुड़ा एक मामला आजकल विभिन्न लॉ पोर्टलों के माध्यम से राज्य के सोशल मीडिया तक पहुंच चर्चा में बना हुआ है. उत्तर प्रदेश निवासी निशांत रोहल ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की... Read more
बाघ अवसरवादी भी होते हैं इसका एक नजारा ढिकाला के ग्रासलैंड में देखने को मिला जहां एक युवा बाघ जिप्सियों की आड़ लेकर हिरन के पीछे भागता हुआ नज़र आया. (Memoir of Deep Rajwar) हाल में ही ढिकाला... Read more
ओण दिवस जंगलों का धधकना नियंत्रित कर सकता है.
उत्तराखंड इस समय बेहद विषम पर्यावरणीय परिस्थितियों से गुजर रहा है. परंपरागत जल स्रोतों नौलौ, धारों, गाड़, गधेरों, गैर-हिमानी नदियों में पानी का स्तर साल दर साल घटता जा रहा है. जल स्रोतों के... Read more


























