पिथौरागढ़ के वड्डा बाज़ार में सौन स्वीट्स के बहाने एक मेहनतकश पहाड़ी की कहानी
पिथौरागढ़ से झूलाघाट जाने वाली सड़क पर एक छोटा सा क़स्बा है वड्डा. वड्डा आस-पास के पचासों गांवों का एक पुराना बाजार है. 1972-73 के आस-पास तक झुलाघाट को जाने वाली सड़क पुरानी वड्डा बाज़ार से होकर... Read more
28 जुलाई 2019 को पर्वतों की रानी मसूरी में देश के 11 पर्वतीय राज्यों को ग्रीन बोनस व हिमालयी राज्यों को प्राथमिकता दिए जाने पर बैठक प्रस्तावित है. नीति आयोग के सदस्यों के साथ प्रधानमंत... Read more
यादों को संजो के रखना इंसानी फ़ितरत है. कुछ यादें दिलों में संजो के रखी जाती हैं तो कुछ यादों को तस्वीरों में उतार दिया जाता है. जब तक कैमरे का आविष्कार नही हुआ था तब तक दिल और दिमाग ही पुरा... Read more
कुछ समय पहले हमने एक ख़बर दी थी कि पौड़ी जिले के जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की पहल पर पहली से पांचवीं क्लास तक के बच्चों के लिये विशेषज्ञों द्वारा गढ़वाली पाठ्यक्रम तैयार किया गया है. पौड़ी... Read more
एक जमाने में डाकुओं का गढ़ था भाबर
बदरीदत्त पाण्डे ने ‘कुमाऊँ का इतिहास’ में ऐतिहासिक सामग्री के आधार पर बयान किया है कि पहाड़ में जो गंभीर अपराधी थे, उन्हें भाबर भेज दिया जाता था ताकि वे यहाँ की अस्वास्थ्यकर जलवाय... Read more
नाम में क्या रखा है
नाना के पास कहानियां थीं. नानी तो हमारे कहानी सुनने की उम्र से पहले ही खुद कहानी हो गईं थीं इसलिए हमने जब कहानी को कहानी की तरह पाया तो सामने नाना थे. शायद यही वजह रही हो कि हमें नानी और कहा... Read more
जब उत्तराखंड आंदोलन के दौरान खटीमा गोलीकांड हुआ तब पुलिस ने अपनी कारवाई को ज़ायज ठहराया था. उत्तर प्रदेश पुलिस ने तर्क दिया था कि जुलुस में शामिल महिलाओं के पास हथियार थे. जिस हथियार के नाम प... Read more
दंडेश्वर महादेव मंदिर अल्मोड़ा
उत्तराखंड का एक नाम देवभूमि भी है. अगर हम प्राचीन काल की कथाओं में देखें तो शायद ही कोई कथा हो जिसके तार यहां से नहीं जुड़ते हैं. ऐसा ही एक मंदिर है जागेश्वर का जिसे दंडेश्वरमहादेव के नाम से... Read more
मोबाइल पर उस लड़की की सुबह
मोबाइल पर उस लड़की की सुबह-वीरेन डंगवाल सुबह-सवेरेमुँह भी मैलाफिर भी बोलेचली जा रहीवह लड़की मोबाइल पररह-रहचिहुँक-चिहुँक जाती हैकुछ नई-नई-सी विद्या पढ़ने कोदूर शहर से आकर रहने वालीलड़कियों के... Read more
1914-15 में हल्द्वानी में जिला परिषद नैनीताल द्वारा संचालित केवल एक प्राथमिक पाठशाला थी. 1913-14 में इसमें 45 छात्र थे. अगले वर्ष इनकी संख्या बढ़कर 77 हो गयी थी. अधिसूचित क्षेत्र समिति इस के... Read more


























