मुनस्यारी के गाँवों में बादल फटने से हुआ विनाश
जिला पिथौरागढ़ की मुनस्यारी तहसील के अंतर्गत नाचनी के समीप टिमटिया और भैंसखाल गाँवों में कल बदल फटने के कारण जन-धन की हानि हुई है. (Fatal Cloud Burst in Munsyari) पिथौरागढ़ प्रशासन द्वारा बताय... Read more
हमारी नियमित लेखिका गीता गैरोला ने आपको अनेक मनभावन कहानियां सुनाई हैं. हाल ही में हमने उनकी मशहूर किताब ‘मल्यो की डार’ के एक अध्याय को हरिद्वार में रहने वाली स्मिता कर्नाटक की आवाज़ में सुन... Read more
मोबाइल फोन की गिरफ्त में मासूमों का बचपन
रेस्टोरेन्ट में बैठे थाली का ऑर्डर दिया ही था कि सामने स्कूल से वापस आते दो लड़के टेबल पर बैठे. मुश्किल से सातवीं-आठवीं में पढ़ने वाले दोनों लड़के स्कूल की ड्रेस में पीठ पर बस्ता लादे हुए थे... Read more
नैनीताल में नन्दा देवी मेले की तस्वीरें
उत्तराखंड में इन दिनों नन्दादेवी मेला बड़े ही उत्साह और उल्लास से मनाया जा रहा है. हिमालय की चोटियों पर रहने वाली नन्दा उत्तराखंड के लोगों की कुलदेवी मानी जाती है. गढ़वाल मंडल और कुमाऊं मंडल द... Read more
आज जानिये जी.आई.सी. पिथौरागढ़ स्कूल का इतिहास
1925 के आस पास पहली बार पिथौरागढ़ में उच्च माध्यमिक स्कूल खोलने का विचार सूबेदार मेजर भवान सिंह सौन के मन में आया. उन्होंने कुमाऊं बटालियन के ऑफिसरों का ध्यान इस ओर दिलाया.बटालियन के कमांडिं... Read more
फाग : मंगल संस्कारों में गाये जाने वाले गीत
‘फाग’ कुमाऊं में विभिन्न संस्कारों के अवसर पर गाये जाने वाले मंगलगीत हैं. इन्हें ‘शकुनगीत’ भी कहा जाता है. ओधान, पुत्र-जन्म, षष्ठी, नामकरण, व्रतबंध, विवाह आदि विभिन्न... Read more
स्ट्रीट फोटोग्राफी का डिप्रेशन
जीवन भर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुल महाविद्यालयों में अर्थशास्त्र की प्राध्यापकी करते रहे प्रोफेसर मृगेश पाण्डे फिलहाल सेवानिवृत्ति के उपरान्त हल्द्वानी में रहते हैं. अर्थशास्त्र के अति... Read more
कठपतिया के बारे में बचपन से सुनते आया था, कुछ दिन पूर्व इसी पोर्टल पर प्रख्यात कथाकार बटरोही जी के चर्चित उपन्यास ‘थोकदार किसी की नहीं सुनता’ के अंश में कठपतिया के बारे में पढ़ने को मिला तो... Read more
कायनात की तमाम साज़िशों के बावजूद गणित’ज्ञ’ नहीं हो सके हम. ‘क’ पर ही निपट लिया मामला. उतनी ही गणित सीख सके जितनी बाज़ार से सौदा सुलुफ लाने में काम आ सके. आज भी कोई ब... Read more
वह भी एक दौर था
अतीत की स्मृतियों में अभी भी ताजा है वो सब– मेरी उम्र की पूरी जमात हंसी-खुशी स्कूल जाती थी, टाट पट्टी में बैठती थी कलम और दवात से तख्ती पर लिखती थी और स्लेट पर खड़िया से आड़ी-तिरछी लक... Read more


























