वह स्लेटी रंग का संदूक
फिर आई दिवाली, मां ने फिर वहीं पुराना राग अलापा. “सब कबाड़ घर का बाहर निकाल दो साफ सफाई करके घर में पुताई करनी है.” “चनी! तेरा एक संदूक है स्टोर में, मतलब का सामान छांट कर एक तरफ रख दे और बा... Read more
इतिहास लेखन में महिलाओं की ध्वजवाहक ‘गुलबदन बेगम’
1520 का वक़्त था जब तेरह वर्षीय हुमायूँ को बाबर ने बदक्खशा का सूबेदार नियुक्त किया गया. हुमायूँ की उम्र कच्ची थी लेकिन बाबर चाहता था कि वो प्रशासन के दाव-पेंच जितनी जल्दी सीख जाए उतना अच्छा... Read more
पहाड़ में आयुर्वेद और अल्मोड़ा के परम्परागत वैद्य
पहाड़ की परम्परागत चिकित्सा पद्धति में आयुर्वेद प्रचलित रहा. लोक विश्वास के साथ ही जनमानस में ऐसी अनेक परम्पराएं पोषित होती रहीं जो कर्मकांड, तंत्र, ज्योतिष एवं आयुर्वेद से सम्बन्धित थीं. वर... Read more
उत्तराखंड की लोककथा : फूलों की घाटी
हिमालय पर्वत की घाटी में एक ऋषि रहते थे. बर्फ सी सफेद पकी दाढ़ी वाले ऋषि कंद, मूल, फल खाते हुए तपस्या करते रहते. भगवान् में रमा उनका मन हमेशा प्रसन्न व् स्थिर रहता लेकिन कभी-कभी बर्फ से ढंके... Read more
ऊदा देवी पासी : 1857 के ग़दर की नायिका
‘बाबुल मोरा नैहर छूटो जाए’ जैसी कालजयी ठुमरी रचने वाले अवध के नवाब वाजिद अली शाह ने लखनऊ में गोमती किनारे ग्रीष्मकालीन आवास के तौर पर सिकन्दर बाग़ का निर्माण करवाया. बाग़ का नाम उनकी प्रिय बेग़... Read more
उत्तराखण्ड मूल की भारतीय टीम की स्टार हॉकी प्लेयर वंदना कटारिया देश का प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. वंदना को यह सम्मान ओलम्पिक खेलों में उनके शानदार ऐतिहासिक... Read more
पिथौरागढ़ के बच्चों और युवाओं ने मिलकर बनाई पारम्परिक ऐपण वाली दिवाली लाइट्स
हरेला सोसायटी अपने नये-नये प्रयोगों के लिये बेहद लोकप्रिय है. हरेला सोसायटी का अपसाइल्किलिंग का काम पिछले कुछ वर्षों से बेहद सराहा गया है. ‘जुगनू लाईट’ ऐसा ही एक प्रोडक्ट है जो पिछले तीन साल... Read more
करीब एक पखवाड़े पहले मेरे गाँव के नौजवानों ने व्हाट्सएप्प पर एक ग्रुप शुरू किया, ‘छानागाँव की रियासत’. इसमें नयी उमर के लड़के भी शामिल थे, इसलिए शीर्षक देखकर ही मैं स्वाभाविक रूप से एक सदी प... Read more
‘सिल्वर वेडिंग’ मनोहर श्याम जोशी की कालजयी कहानी
जब सेक्शन ऑफीसर वाई․डी․ (यशोधर) पन्त ने आखि़री फ़ाइल का लाल फ़ीता बाँध कर निगाह मेज़ से उठायी तब दफ़्तर की पुरानी दीवार घड़ी पाँच बजकर पच्चीस मिनट बजा रही थी. उनकी अपनी कलाई घड़ी में साढ... Read more
आज कुमाऊं टाइगर ‘मदन मोहन उपाध्याय’ का जन्मदिन है
25 अक्टूबर 1910 को को मथुरा दत्त उपाध्याय का जन्म ग्राम बमनपुरी द्वाराहाट जनपद अल्मोड़ा में हुआ. हमारा बचपन पंडित जीवानंद उपाध्याय के सातवें पुत्र मथुरा दत्त उपाध्याय के चातुर्य और अदम... Read more


























