प्यारे शहर नैनीताल की याद
और, बाबा हो, गर्मियों के सीजन में शहरों से आने वाली वह भारी भीड़! हम लोग उन दिनों माल रोड छोड़ कर ऊपर स्नो व्यू, चीनापीक, गोल्फ फील्ड या टिफिन टॉप की ओर निकल जाते. स्नो व्यू में सीमेंट की वह... Read more
अपनी बात मैं अपने उन पुरखों से शुरू करना चाहता हूं, जो आदि मानव कहलाते थे, जंगलों और गुफाओं में रहते थे. खेती और पशुपालन की शुरूआत उन्होंने ने ही की थी. उन्हीं में से शायद कभी, हमारे किसी पु... Read more
नैनीताल में पत्रकारिता का परचम फहराने वाले ‘विष्णु दत्त उनियाल’ की जन्म शताब्दी
आज से ठीक पैंसठ वर्ष पहले 1956 में उन्होंने पहली बार, पहले दैनिक अखबार ‘पर्वतीय’ का प्रकाशन शुरू करके पर्यटन नगरी नैनीताल में पत्रकारिता का परचम फहराया था. आज कड़े जीवन संघर्ष में तपे उस जुझ... Read more
नैनीताल मालरोड में बुरांश खिला है
भला कौन जानता था कि सरोवर नगरी नैनीताल की मालरोड पर एक दिन चिनारों की संगत में बुरांश के दो सुर्ख फूल खिल जाएंगे! लेकिन, वे खिले और एक शाम बाबा एच. एस. राना ने यह अजूबा देखा. फिर उनके मोबाइल... Read more
दूर पहाड़ों में बसे मेरे गांव में भी आ गया होगा वसंत. शायद इसीलिए कई दिनों से मेरा मन बेचैन है. महान प्रकृति विज्ञानी चार्ल्स डार्विन याद आ रहे हैं. अगर चिड़ियां उनकी बात समझ सकतीं तो तब वे... Read more
आकाश के रंगमंच पर सूर्यास्त के बाद बृहस्पति और शनि ग्रह का महामिलन हो रहा है आज
आकाश के रंगमंच पर आज 21 दिसंबर 2020 को सूर्यास्त के बाद सौरमंडल के विशालतम ग्रह बृहस्पति और शनि ग्रह का महामिलन हो रहा है जिसे वैज्ञानिक महायुति कहते हैं. अंग्रेजी में इसे ‘ग्रेट कंजंक्शन’ क... Read more
कल पत्थरों के महान पारखी और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के पद्मभूषण से सम्मानित भूगर्भ विज्ञानी डा. खड्ग सिंह वल्दिया साढ़े त्रिरासी वर्ष की उम्र में इस धरती से विदा हो गए. उनका जीवन संघर्ष और कुछ... Read more
पहाड़ की प्यारी घुघुती के बारे में सब कुछ जानिये
कोरोना काल के इसी सन्नाटे में उस दिन दो फाख्ते भी मिलने चले आए. जब भी फाख्तो को देखता हूं, और उनकी आवाज सुनता हूं तो गुजरे हुए जमाने की न जाने कितनी बातें याद आ जाती हैं. उत्तराखंड के अपने ग... Read more
वह मजदूर लड़की, विश्व परिक्रमा और बोगेनवेलिया – मजदूर दिवस पर देवेन मेवाड़ी की कलम से विशेष
उसका जन्म एक झोपड़ी में हुआ. माता-पिता दिहाड़ी मजदूर थे. रोज सुबह उठते और तैयार होकर काम की तलाश में निकल आते. कभी काम मिलता, तो शाम की दाल-रोटी का जुगाड़ हो जाता. काम नहीं मिलता तो भूखे पेट... Read more
इन दिनों मैनाएं भी मिलने आ रही हैं. यों, वे बालकनी में साल भर पानी पीने के लिए आती ही रहती हैं. सर्दियों में स्नान-ध्यान के लिए भी खूब आती हैं. आती हैं और जम कर स्नान करती हैं. बालकनी में इन... Read more


























