दूध का क़र्ज़
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree काले गाउन और सिर पर काली टोपी चढ़ाए भोलेनाथ उर्फ भोला जब मंच पर पहुंचा तो तालियों की गड़गड़ाहट से हॉल गूँजने लगा. चीफ गेस्ट... Read more
एक डॉक्टर से मुलाकात
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree बचपन से लेकर आज तक न जाने कितने डॉक्टरों से मेरा पाला पड़ा. बचपन में स्कूल में सालाना एक बार लगने वाला ‘भेद... Read more
जातोली के हिमालय पुत्र रूप दा
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree मल्ला दानपुर के सुंदरढूंगा घाटी का प्रवेश द्वार है जातोली गांव. हिमालय की तलहटी में मल्ला दानपुर के गांव कब बसे इस बारे में... Read more
नेपाल की वो फंटूश घुमक्कड़ी
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree नेपाल की राजधानी काठमांडू के थामेल बाज़ार में रात का खाना खाते वक्त न्यू मुंबई व नालासोपारा निवासी जयवंत सिरके व संतोष घाटक... Read more
एक लेखक से मुलाकात
यूं तो मुझे दर्जनों लेखकों से मुहब्बत है, लेकिन शंभू राणा, अशोक पांडे और अनिल यादव उनमें विरले कहे जाएंगे. आज तक मैंने जिन भी दिल को छू लेने वाले लेखकों को पढ़ा, उनमें ज़्यादातर से मुलाकात न... Read more
पेड़-पौधों से बतियाने वाला अद्भुत है ये शख्स
बूढ़े हो चुके अपने जिंदा शरीर के लगभग साठेक किलो वजन को साथ लिए वो हर पल कहीं न कहीं धरती के सीने में चारेक दशक से चौड़ीदार वृक्षों को रोपने में लगे रहते हैं. इसके साथ ही सूख रहे नौलों, धारो... Read more
दारमा घाटी के सरल हृदय वाले लोग
उत्तराखंड में पंचाचूली चोटियों का नाम सभी जानने वाले हुए. कच्ची सड़क बन जाने से अधिकतर तो अब इसके पास भी जाने लगे हैं. पंचाचूली ग्लेशियर तक जाने के लिए दारमा घाटी में बसे दांतू गांव से पैदल... Read more
तिवारीजी का झुनझुना बजाने में मस्त हैं आंदोलनकारी
आज एक बुजुर्ग से मुलाकात हुई तो उनके बाजार में आने का कारण यूं ही बस पूछ बैठा. इस पर उन्होंने अपनी व्यथा सुनाई कि सारे दस्तावेज दे दिए लेकिन फिर भी बार-बार कह देते हैं कि ये लाओ, वो लाओ. राज... Read more
द्वाली में फसे पर्यटकों का रेस्क्यू अभियान
पिंडर घाटी के द्वाली में फसे 42 देशी और विदेशी पर्यटकों को रेस्क्यू कर लिया गया है. लगभग 15 बंगाली पर्यटकों को पांच टैक्सियों के जरिए कपकोट लाया गया. जहां उनके नाम, पता आदि की जानकारी जुटाने... Read more
बागेश्वर के मोहन जोशी की बांसुरी का सफ़र
बचपन में यदा-कदा बुड़-माकोट (पिताजी के ननिहाल) जाना होता था. वहां बगल के पाथरनुमा दोमंजिले घर की खिड़की पर रिश्ते के छोटे चाचा बांसुरी बजाते दिखाई देते. उन्हें सुनता तो मैं हैरत में पड़ जाता... Read more


























