हिमालय को आमतौर पर बर्फ़, जंगल और हरियाली का प्रतीक माना जाता है, लेकिन एक नया वैज्ञानिक अध्ययन चेतावनी दे रहा है कि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हरित आवरण धीरे-धीरे घट रहा है. बीते करीब द... Read more
उत्तराखंड क्रिकेट टीम से रचा इतिहास
उत्तराखंड क्रिकेट ने रविवार को एक नया इतिहास रच दिया. राज्य की टीम ने जमशेदपुर में खेले गए क्वार्टरफाइनल मुकाबले में झारखंड को एक पारी और छह रन से हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में... Read more
उत्तराखंड बजट : स्वयं स्फूर्ति से परिपक्वता की ओर
लेखे के नये लाल बैग से निकला निर्मल बजट उत्साह संवर्धन नीति का पिटारा लाया है. ऐसे समय में जब आर्थिक शीत युद्ध की कमान तेजी से दुनिया में भारत की ओर तान दी गयीं हों. वाहय असंतुलन से निबटते ह... Read more
बर्बर इतिहास का नाम क्यों ढो रहा है ‘खूनीबढ़’
कोटद्वार में बाबा की दुकान का नाम बदले जाने और बजरंग दल से भिड़ने वाले मोहम्मद दीपक के मामले ने अचानक सियासी तापमान बढ़ा दिया. एआई से बनाई गई तस्वीरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया, नेशनल मीडि... Read more
कौन थे पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा ‘लकुलीश’?
पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा भगवान लकुलीश को भारतीय शैव परंपरा के विकास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्तित्व माना जाता है. वे उस दौर के आचार्य थे, जब शिव की उपासना लोक आस्था से आगे बढ़कर संगठित... Read more
नारायण आश्रम उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में धारचूला से ऊपर, ऊँचे पहाड़ों और गहरी घाटियों के बीच स्थित है. आज यह स्थान शांति, साधना और अध्ययन के बड़े केंद्र के रूप में जाना जाता है, लेकिन इ... Read more
घमंडी पिता और उसकी सीख
हिमालय की ऊँची पहाड़ियों के बीच एक छोटा-सा गाँव था. पत्थर के घर, देवदार के जंगल और पास ही बहती ठंडी नदी; यही वहाँ की पहचान थी. उसी गाँव में एक किसान रहता था. मेहनती था, लेकिन उससे भी ज़्यादा... Read more
उत्तराखंड के पेड़-पौधे: लोकज्ञान और औषधीय सत्य
कहा जाता है कि एक बार हिमालय में एक वैद्य गुरु अपने शिष्यों की शिक्षा पूरी होने पर अंतिम परीक्षा ले रहे थे. गुरु ने सब शिष्यों से कहा “हिमालय से ऐसा कोई पेड़ या पौधा खोजकर लाओ जो किसी काम का... Read more
सामाजिक उत्पीड़न कुमाऊँ के लोकगीतों में अनेक प्रकार से उभरा है. इन गीतों का कोई अंग यदि इस उत्पीड़न को सम्पूर्णता में व्यक्त करता है तो वह है कुमाऊँ के ‘जागर गीत’. आंचलिक देवी-दे... Read more
परंपरा और इतिहास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण यह लेख पल्टन बाज़ार, अल्मोड़ा प्रभात कुमार साह गंगोला जी द्वारा 2011 में लिखा गया है. श्री नंदा स्मारिका 2011 में ‘न... Read more


























