हैडलाइन्स

भाजपा विधायक का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने गनर को पीटा

गोठा में राजस्व गांव की मांग को लेकर लौका और गोठा गांव के लोगों ने सितारगंज के विधायक सौरभ बहुगुणा का रास्ता रोक लिया. विधायक अपने गनर अमित कुमार समेत बुधवार को लौका, गोठा और गुरुनानक नगरी में बाढ़ प्रभावितों से मिलकर लौट रहे थे.
(BJP MLA Gunner Assaulted Uttarakhand)

बाढ़ पीढ़ितों का हाल जानकर लौट रहे भाजपा विधायक का स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया. अपने गांव को राजस्व गांव घोषित किये जाने की मांग को लेकर आंदोलित जनता ने विधायक की गाड़ी रोक दी. जिसके बाद विधायक के गनर अमित कुमार और आन्दोलनकारियों के बीच हुई बहस शुरु हुई. विधायक की सूचना पर कोतवाल प्रकाश सिंह दानू ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के बीच से उनका वाहन निकलवाया.   

विधायक के गनर अमित कुमार ने बताया कि वह ग्रामीणों को समझा-बुझाकर रास्ता खाली करने की अपील कर रहे थे. इसी बीच उग्र हुई भीड़ ने उनके साथ हाथापाई कर वर्दी फाड़ दी. उनकी तहरीर के आधार पर कुछ ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
(BJP MLA Gunner Assaulted Uttarakhand)

लौका, गोठा के सैकड़ों परिवार आज भी खानबदोश का जीवन व्यतीत कर कर रहे हैं. ये गांव राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं हैं जिस कारण यहां सरकार की ओर से कोई सुविधायें नहीं आ पाती हैं. इन गावों को सरकारी आवास, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

ग्रामीणों का कहना है कहा कि 50 वर्ष से लौका, गोठा को राजस्व गांव घोषित कर उन्हें भी अन्य लोगों की तरह सरकारी योजनाओं का लाभ देने की मांग कर रहे हैं. इस संबंध में ग्रामीणों  ने सीएम को मांग पत्र भेजकर जल्द से जल्द समस्याओं के समाधान की मांग भी की थी.
(BJP MLA Gunner Assaulted Uttarakhand)

काफल ट्री डेस्क

Support Kafal Tree

.

इसे भी पढ़ें: ‘ये चिराग जल रहे हैं’ स्मृति कथाओं के जीवंत शब्दचित्र

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

3 weeks ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

3 weeks ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

3 weeks ago

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

3 weeks ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

3 weeks ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

3 weeks ago