Featured

रावण का रोल कर रहे रुद्रपुर के विधायक ने माता सीता से कहा – “मेरी जान”

रुद्रपुर से बीजीपी के एमेले राजकुमार ठुकराल, जो स्थानीय रामलीला में पिछले पच्चीस सालों से रावण का रोल करते आ रहे हैं, ने सीता-हरण के एक दृश्य में सीता को ‘मेरी जान’ कह कर संबोधित किया. (BJP MLA from Rudrapur addresses Sita as Meri Jaan)

साधु का वेश धारण किये रावण का रोल कर रहे विधायक ठुकराल रामलीला के मंचन के मध्य सीता जी के पास पहुंचे और उनसे कहा – “आप बहुत जवान दिख रही हैं. तुम्‍हें देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि तुम कहीं की राजकुमारी हो” इसके उत्तर में सीता का रोल कर रहे युवक ने कहा – जी हां भगवन. सीता मेरा नाम है.” यह सुनकर पर रावण बने विधायक ने कहा, ‘सीता, मेरी जान.’ इस डायलॉग को सुनकर रामलीला देख रहे दर्शक हंसने लगे. (BJP MLA from Rudrapur addresses Sita as Meri Jaan)

स्टेज पर बाकायदा इस फूहड़ डायलॉग को ज़बान देते विधायक का वीडियो फेसबुक पर शेयर हुआ. कांग्रेस की राज्य प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी ने इसे शेयर करते हुए लिखा – “ये देखिए भाजपा का असली राम-प्रेम. रुद्रपुर के भाजपा के विधायक (राजकुमार ठुकराल) जो कि रावण के भेष में रामलीला में प्रतिभाग कर रहे हैं कैसे पूरी मातृ शक्ति का ही नही अपितु हमारी आराध्य सीता मैया को जान कहकर पुकार रहें हैं. मज़ाक बना दिया हमारी संस्कृति का.

भाजपा संगठन को विधायक के इस कुकृत्य का तुरंत इसका संज्ञान लेना चाहिए करोड़ो हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं.”   

इस घटना पर ठुकराल ने कहा – “मैं रावण के रोल में था जो कि रामायण का खलनायक है. ये शब्द रावण द्वारा कहे गए थे न कि राज कुमार ठुकराल द्वारा. रावण को सीता के प्रति उसके उसके पागलपन के कारण बर्बाद होना पड़ा था.”

कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी

फिलहाल इन्डियन एक्सप्रेस के अनुसार भारतीय कानून की धारा 323 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लियी गया है.

उधर ठुकराल के इस विवादास्‍पद कृत्य पर रामलीला के आयोजकों ने आपत्ति जताई. अलबत्ता विधायक का कहना है कि उनका डायलॉग पटकथा का हिस्सा था.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

बर्फ ही नहीं हरियाली भी गायब हो रही है हिमालयी इलाकों से

हिमालय को आमतौर पर बर्फ़, जंगल और हरियाली का प्रतीक माना जाता है, लेकिन एक…

5 days ago

उत्तराखंड क्रिकेट टीम से रचा इतिहास

उत्तराखंड क्रिकेट ने रविवार को एक नया इतिहास रच दिया. राज्य की टीम ने जमशेदपुर…

5 days ago

उत्तराखंड बजट : स्वयं स्फूर्ति से परिपक्वता की ओर

लेखे के नये लाल बैग से निकला निर्मल बजट उत्साह संवर्धन नीति का पिटारा लाया…

1 week ago

बर्बर इतिहास का नाम क्यों ढो रहा है ‘खूनीबढ़’

कोटद्वार में बाबा की दुकान का नाम बदले जाने और बजरंग दल से भिड़ने वाले…

1 week ago

कौन थे पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा ‘लकुलीश’?

पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा भगवान लकुलीश को भारतीय शैव परंपरा के विकास में एक अत्यंत…

1 week ago

कैसे अस्तित्व में आया नारायण आश्रम और कौन थे नारायण स्वामी?

नारायण आश्रम उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में धारचूला से ऊपर, ऊँचे पहाड़ों और गहरी घाटियों…

1 week ago