आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

3 months ago

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर पर्वों, मेलों और त्यौहारों की अनोखी…

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

3 months ago

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म ‘मेघा आ’ का है. ‘मेघा…

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

3 months ago

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था को प्राथमिकता देने वाले कई…

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

3 months ago

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम से जुड़े असंख्य लोगों के…

कुमाऊँ की खड़ी होली

4 months ago

इन दिनों उत्तराखंड के कुमाऊँ में होली की धूम है. जगह-जगह खड़ी होली और बैठकी होली का आयोजन भी किया…

आधी सदी से आंदोलनरत उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव

4 months ago

बात उन दिनों की है, जब महात्मा गांधी जब देश भर में घूमकर और लिखकर ‘ग्राम स्वराज’ का महत्व लोगों…

फूल, तितली और बचपन

4 months ago

बचपन की दुनिया इस असल दुनिया से कई गुना खूबसूरत होती है. शायद इसलिए क्योंकि बचपन की दुनिया ख्यालों और…

पर्वतीय विकास – क्या समस्या संसाधन की नहीं शासन उपेक्षा की रही?

4 months ago

पिछली कड़ी : तिवारी मॉडल में पहाड़ की उद्योग नीति और पलायन आजादी के दौर में  1946 से 1954 तक…

अनूठी शान है कुमाऊनी महिला होली की

4 months ago

यूं तो होली पूरे देश में मनाए जाने वाला एक उमंग पर्व है परन्तु अलग अलग अंचलों में इस पर्व…

धरती की 26 सेकंड वाली धड़कन: लोककथा और विज्ञान का अद्भुत संगम

4 months ago

दुनिया के अनेक लोक कथाओं में ऐसा जिक्र तो आता है कि धरती जीवित है, वह सांस लेती है, महसूस…