सर जेफ्री बायकाट का एक संस्मरण

चौंकिएगा मत. इस तस्वीर में इयान बॉथम के साथ सर जेफ्री बायकाट खड़े हैं. इस बड़बोले क्रिकेटर और कमेंटेटर को पसन्द करने वालों की संख्या इन से नफरत करने वालों के बराबर ही पाई जायेगी. अपने पूरे कैरियर के दौरान सर जेफ्री बायकाट ने स्वार्थपूर्ण बल्लेबाजी के एक से बढ़कर एक मुकाम हासिल किये. उनके स्वार्थ का चरमोत्कर्ष 1967 में आया जब दोहरा शतक लगाने के बावजूद उन्हें बेहद धीमा खेलने की वजह से टीम से बाहर कर दिया गया था. बेहतरीन बैकफुट कवर ड्राइव और ऑन ड्राइव मारने वाले सर जेफ्री के नाम टेस्ट में अधिकतम रन (108 मैच में 8114 रन) बनाने का कीर्तिमान लंबे समय तक रहा.

योर्कशायर के मूल निवासी इस खिलाडी को कमेंटेटर बनने के बाद भारतीय क्रिकेट प्रेमी, खराब खेल को ‘रूबिश’ कहकर गरियाने की उनकी अदा के बाद से ज्यादा बेहतर जानने लगे थे. लगातार विवादों में घिरे रहने वाले सर जेफ्री बायकाट ने अपने कैरियर के सर्वश्रेष्ठ काल में तीस टेस्ट फकत इस जिद पर नहीं खेले कि रे इलिंग्वर्थ के बाद इंग्लैंड की कप्तानी उनके बजाय माइक डेनेस को सौंप दी गयी. अगर वे इन तीस मैचों को खेले होते तो निस्संदेह टेस्टों में दस हजार रन बनाने वाले पहले खिलाडी बनते.

सर जेफ्री बायकाट का ‘ब्लैक ह्यूमर’ सारे क्रिकेट जगत में विख्यात और कुख्यात है.

बात 1972 की है. मिडिल्स्बरो में यॉर्कशायर का काउंटी मैच ग्लोस्टरशायर से चल रह था. सर जेफ्री बायकाट योर्कशायर के कप्तान थे. उनकी टीम के माइकेल बोर अक्सर सर जेफ्री के मजाक और गुस्से का शिकार बनते थे. कुछ ऐसी स्थिति बनी कि योर्कशायर ने अपना एक खिलाडी ग्लोस्टरशायर को फील्डिंग के वास्ते उधार देना था. माइकेल बोर जब फील्डिंग करने पहुंचे तो सर जेफ्री 68 पर खेल रहे थे. बोर के आते ही प्रोक्टर की गेंद को सर जेफ्री ने हुक किया और बोर साहब ने लॉन्ग लेग पर ज़बरदस्त कैच ले कर खुद अपने कप्तान को आउट कर दिया.

बोर को चाहिए था कि निखिद्द कुत्ते की तरह बाउन्ड्री पर खडे रहते लेकिन वे चेहरे पर बढ़िया मुस्कान सजाये ग्लोस्टरशायर के खिलाडियों के साथ जश्न में शामिल हो गए. जब माइकेल बोर ड्रेसिंग रूम में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि गुस्साए कप्तान ने उनकी पूरी किट ग्लोस्टर्शायर के ड्रेसिंग रूम में ले जा कर फेंक दी थी.

तस्वीर के बारे में

यह तस्वीर 1981-82 सत्र में दिल्ली टेस्ट के दौरान पड़े क्रिसमस की फैंसी ड्रेस पार्टी की है. बॉथम के सीने पर लिखा हुआ 8032 बताता है कि पिछले ही दिन सर जेफ्री ने लंबे समय से कायम सर गैरी सोबर्स के 8032 टेस्ट रन बनाने के कीर्तिमान को धूल चटाई थी. इस ड्रा मैच में सर जेफ्री ने शतक बनाया था. सर जेफ्री के बारे में एक और दिलचस्प तथ्य यह है कि पहले अंतर्राष्ट्रीय एक दिवसीय मैच की पहली गेंद का सामना उन्होने ही किया था और इस तरह की क्रिकेट में गिरने वाला पहला विकेट भी उन्ही का था.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

3 weeks ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

3 weeks ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

3 weeks ago

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

3 weeks ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

3 weeks ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

3 weeks ago