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4 Comments

  1. पंकज सनवाल

    हेड़ाखान बाबा मेरे भी कौतुहल का विषय रहे हैं । लेकिन कभी किसी विश्वसनीय सूत्र से इस बारे में कुछ विस्तार से पता नहीं चल सका । क्या इस प्रस्तुत लेख में अंग्रेज स्त्री के साथ जो बाबा दिखाई दे रहे हैं क्या वही हेड़ाखान बाबा हैं ? अथवा कौन हैं जो भी सज्जन इस बारे में कुछ जानते हों इस बारे में कमेंट बॉक्स में कृपया बतायें । धन्यवाद ।

  2. AMAR JEET SINGH

    इस लेख में जिस बाबा जी की चर्चा की गई है वह बाबाजी नैनीताल जिले में स्थित हैड़ाखान गांव में रहने के कारण हैड़ाखान बाबा के नाम से प्रसिद्ध थे. वास्तविक नाम क्या था नहीं मालूम.
    जिस समय शम्मी कपूर हैड़ाखान आये थे मैं उस समय वहीं था क्योंकि उनको देखने की इच्छा थी . बाबाजी उस समय युवावस्था में थे.
    बाबाजी वहीं गौला नदी पर पड़े एक बड़े से पत्थर पर खड़े हो गए थे और सभी श्रद्धालु उनके पैर छूकर आगे बढ़ जाते थे.
    यह भी कहा जाता था कि तत्कालीन उ.प्र.के राज्यपाल श्री सी.पी.एन.सिंह जी पुत्री बाबा जी की शिष्या थीं और वह बाबाजी से विवाह करना चाहतीं थीं.जो सम्भव न हो सका और बाबाजी जी की असमय मृत्यु हो गई थी.
    कहते हैं कि उनके शव की पोस्ट मार्टम की विडियो रिकॉर्डिंग की रिपोर्ट नैनीताल कोषागार के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखी है. बाबाजी अपने भक्तों को तांबे का कड़ा पहनाया करते थे और अपनी महिला भक्तों का सिर मुंडवा दिया करते थे.
    अब हल्द्वानी में हैड़ाखान बाबाजी के नाम पर कुछ ही भक्त शेष रह गये प्रतीत होते हैं. लेकिन जमरानी गांव के पास हैड़ाखान बाबाजी का मूल स्थान आज भी मंदिर के रूप में आस्था का मुख्य केंद्र है .
    धन्यवाद और आभार 🙏

  3. Kamal Kumar Lakhera

    ये चमत्कारी बाबा समाज में व्याप्त अंधविश्वास और अज्ञान का फायदा उठाकर, नेताओं व अधिकारियों से मिलकर माया का साम्राज्य स्थापित कर लेते हैं, इन बाबाओं का समाज में नकारात्मक योगदान ही रहता है ।

  4. Pushkar dourbj

    अगर कभी समय मिले तो बाबजी की शिक्षाओ का भी पोस्ट बनायेगा तब पता चलेगा बाबाजी क्यों आए थे ?
    आज हैड़ाखान बाबाजी ट्रस्ट गरीब, बीमार, जरूरतमंद और गाँव के लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति के लिए काम करता है।
    सत्य सरलता प्रेम 🙏🏻 जय महामाया की जय

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