Default

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी आशीष चौहान की गढ़वाली में अपील

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी द्वारा गढ़वाली भाषा में पत्र लिखकर जिले के लोगों से एक अपील की गयी है. जिलाधिकारी द्वारा की गयी अपील का शीर्षक है – सबु तैं म्यरु रैबार.
(Uttarkashi DM Ashish Chauhan)

अपील में जिलाधिकारी ने कहा अपने-अपने घरों में रहे और लॉक डाउन के नियमों का पालन करें और कहां कोई भी समस्या होने पर कंट्रोल रूम से संपर्क करें. हर तरह की मदद की जाएगी.

यह पत्र उनके द्वारा समस्त ग्राम प्रधानों को भेजा गया है. ग्राम प्रधानों के माध्यम से जिलाधिकारी द्वारा की गयी अपील में कहा गया है कि लोग 14 दिन तक अपने घरों में रहें. अपने क्षेत्रों में रहें और जिन लोगों द्वारा लॉक डाउन नियमों को तोड़ा जाएगा उनके विरुद्ध लॉक डाउन अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी.

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान प्रदेश के पहले जिलाधिकारी है जिन्होंने उत्तराखंडी भाषा में पत्र लिखकर लोगों से अपील की है. उन्होंने लिखा लिखा है कि इस बीमारी से बचने के लिए गाँव में बाहर से आये लोगों का गाँव में ही पंचायत घर, प्राथमिक स्कूल इत्यादि में रहने के लिए आपकी सहायता की आवश्यक है.

 जिलाधिकारी अपनी कार्यशैली के लिए पूरे प्रदेश में जाने जाते हैं. हमेशा जिले के लोगों के बीच नजर आने वाले जिलाधिकारी की इस पहल को खूब सराहा जा रहा है.
(Uttarkashi DM Ashish Chauhan)

विनोद प्रसाद  लगभग एक दशक तक दैनिक हिन्दुस्तान और उत्तरांचल दीप में फोटो जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर चुके हैं.

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

2 weeks ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

2 weeks ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

2 weeks ago

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

2 weeks ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

2 weeks ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

2 weeks ago