पंडित नैनसिंह रावत : घुमन्तू चरवाहे से महापंडित तक
Posted By: Kafal Treeon:
मुनस्यारी से शुरू होने वाली जोहार घाटी के कोई दर्ज़नभर गाँवों में रहने वाले अर्द्ध-घुमन्तू, पशुचारक, व्यापारी शौका समुदाय के लोग शताब्दियों से तिब्बत के साथ व्यापार करते रहे थे. इसी जोहार घाट... Read more
भारत सरकार ने 1994 में उनकी फोटू वाला एक डाक टिकट जारी किया और नामकरण किये जाने से छूट गईं एकाध सड़कों के नाम उनके नाम पर रख दिए. उत्तराखंड बनने के बाद जब राज्य सरकार को अपने स्थानीय नायकों... Read more
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