हरेला पर हो हल्ला नहीं, रोपें संस्कारों के बीज
जी रया, जाग रया, यो दिन यो मासन भेटनै रया … सिर पर हरेला (हरे तिनके) रखते हुए इन आशीर्वाद रूपी वचनों से हम खुद को धन्य समझते हैं. जिसका मतलब है, जीते रहो, जागते रहो और इस दिन से आपकी ह... Read more
इतिहास में याद रखी जाएँगी चार मई की शराब की कतारें
भारत के इतिहास में चार मई को ऐतिहासिक दिन के रूप में शामिल किया जाएगा. करना भी चाहिए. ऐसा इसलिए कि इतनी संख्या में शराब लेने के लिए भीड़ पहले कभी नहीं उमड़ी रही होगी. मेरे जीवनकाल में तो कभी... Read more
गांव सिरसोली की पार्वती देवी से लेकर शिकागो यूनिवर्सिटी तक एकमत हैं मेहमाननवाजी को लेकर
वह भी क्या दौर था, जब मेहमानों के आते ही खुशी छा जाती थी. अतिथि देवो भव की सनातन परंपरा का बखूबी निर्वहन हुआ करता था. परिवार का हर सदस्य अतिथि के स्वागत-सत्कार के लिए आतुर हो उठता था. मेहमान... Read more
गौलापार में दिग्गजों के बीच यूं ही नहीं चमका रवि
सफलता की कहानी यूं ही नहीं लिखी जाती. ईमानदारी से किए गए संघर्ष और कड़ी मेहनत ही सफलता की कहानी बयां कर देती है. आजकल राजनीति जिस दौर में पहुंच गई है, वहां केवल पहुंच, रसूख व धन का ही बोलबा... Read more
उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना और यथार्थ के विषय पर हल्द्वानी में आयोजित संगोष्ठी
जब विचारों का ज्वार धधक रहा हो, मन में सवाल उमड़-घुमड़ रहे हों, बेचैन करने वाली तमाम तस्वीर हमारे सामने परिलक्षित होने लगी हो तो आम जन के सवालों पर सत्ता का टकराव होना स्वाभाविक ही है. यह टक... Read more
अब आपको जो बातें शेयर करने वाला हूँ, उससे आपको चौंक जाना चाहिए. खनन, रियल स्टेट, मंडी के कारोबार के बाद स्कूल व अस्पताल के धंधे वाले अपने शहर हल्द्वानी में ड़ेंगू से अब तक 17-18 लोग जान गंवा... Read more
मैं कितना खुश हूँ, इस पल को जी रहा हूं. मेरे पास बहुत कुछ है, जो तमाम लोगों के पास नहीं है. यही तो पल-पल जीने का एहसास है. जानते हैं आप, दुनिया में प्रत्येक 40 सेकेंड में एक व्यक्ति आत्महत्य... Read more
रोजगार दिख नहीं रहा, यूबीआइ क्या गुल खिलाएगा
बड़ी अजीब स्थिति है भारत सरकार में बैठे रणनीतिकारों की। दुनिया के तमाम विकसित देशों की बराबरी का ख्वाब देखते हैं। कई बार इसी आधार पर नियम भी तय हो जाते हैं. हमारे देश की हकीकत क्या है, उन्हें... Read more
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