वापसी: एक पहाड़ी ब्वारी की व्यथा
“बिना पूजा के बात नहीं बनेगी, भाई. बिलकुल नहीं बनेगी.” दीपक अपनी माँ की ओर देखते हुए सुभाष से बोला. (Wapsi Story by Yugal Joshi) सुभाष ने हैरान होकर उसकी ओर देखा. पूजा से उसका क्या मतलब... Read more
काली के बगड़ में ब्रूस ली की याद
केनिथ मेसॉन की किताब द अबोड ओफ़ स्नो में कुमायूँ के सबसे बड़े अन्वेषकों में से एक हरी राम के बारे में विस्तार से पढ़कर मेरा मन दशकों पीछे चला गया. बहुत कम लोगों को जानकारी है कि पंडित हरी रा... Read more
इंतज़ार : युगल जोशी की कहानी
बहुत भागकर वह किसी तरह समय पर बस पकड़ पाया था. (Intezaar Story by Yugal Joshi) सेमेस्टर के इग्ज़ैम के बाद दो हफ़्ते की छुट्टियाँ थीं. यह तब की बात है जब मोबाइल फ़ोन जनता जनार्दन के सपन... Read more
साझी पीड़: एक बुजुर्ग पहाड़ी विधवा का दर्द
बाहर से छन कर आती हुई धूप में एकाएक वह प्रकट हुई. बाएँ हाथ से घुटने को सहारा देते हुये और दाहिने हाथ से दरवाजा थामते हुए खुद को. मैंने उस अनजान वृद्धा को आते देखकर एक नजर गमी में बैठी दीदी क... Read more
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