हमारे पहाड़ की एक चीज ऐसी है जिसे पहाड़ी सस्कृति का ही एक अभिन्न अंग कहा जाय तो अतिशयोक्ति नहीं होगी और वो है हमारे पहाड़ के फौजी. पहाड़ का शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा जिससे एक फौजी न निकला... Read more
पहाड़ों में नवरात्र के दिनों की यादें
सरादों के बाद नवरात्र शुरु हो जाते हैं. इन दिनों असोज का काम यानि फसल समेटने का काम कुछ कम हो जाता है लोग उत्सव के मूड में आ जाते हैं. नई फसल भी हुई रहती है और नवरात्र के बहाने अपने ईष्टदेव... Read more
पहले श्राद्ध का गांव में विशेष इन्तजार रहता था . सोलह सरादों में सभी घरों में सराद होता है और गांव में लगभग हर घर में एक समान भोजन बनता है. चौमास का समय हो तो गांव घरों में साग-सब्जी आदि प्र... Read more
हमारे पहाड़ों में नैंनांग देने की एक परम्परा है. नई फसल का पहला भोग अपने इष्टदेव को चढ़ाने का रिवाज यहां बहुत पुराना है. सभी गांव के लोग मंदिर में पूजा पाठ कर वहीं खाना बनाकर खाकर लौटते हैं.... Read more
नये ट्रैफिक नियमों के बाद चौराहे पर काबिलियत दिखाने को लालायित हैं पुलिस वाले
आज चौराहों पर बडी हलचल है. पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और उनके सहयोगी होमगार्ड वाले मुस्तैदी से तैनात हैं. ऐसा नहीं है कि ये पहले तैनात नहीं होते थे पर अब ऐसा लगता है सरकार ने इनको परमाणु हथि... Read more
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