कोई भी प्रार्थना बेकार नहीं जाती स्वामी विवेकानंद: मैं समय नहीं निकाल पाता. जीवन आप-धापी से भर गया है. रामकृष्ण परमहंस: गतिविधियां तुम्हें घेरे रखती हैं. लेकिन उत्पादकता आजाद करती है. स्वामी... Read more
स्वामी विवेकानन्द की उत्तराखण्ड यात्राएँ
स्वामी विवेकानन्द (Swami Vivekananda) ने अपने जीवनकाल में उत्तराखण्ड (Uttarakhand) की चार बार यात्रा की. स्वामी विवेकानन्द द्वारा अपने मित्रों को लिखे पत्रों, उनके साथ भारत आये उनके शिष्यों... Read more
क्या थी धर्म संसद, और यह गई कहां?
जिस स्विडनबॉर्जियन चर्च की पहल पर 11 सितम्बर 1893 को दुनिया की एकमात्र धर्म संसद आयोजित हुई थी, वह खुद तो कहीं बह-बिला गया लेकिन दक्षिण एशिया में उसके दो अवशेष लंबे समय तक अपना प्रभाव दिखाते... Read more
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