शीतलाखेत : उत्तराखण्ड का सुंदर हिल स्टेशन
उत्तराखण्ड के कुमाऊं मंडल के खूबसूरत हिल स्टेशनों में एक शीतलाखेत भी है. एक पर्यटक स्थल के रूप में शीतलाखेत बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं है लेकिन प्रकृति से एकाकार होकर आत्मिक सुख प्राप्त करने... Read more
रानी पद्मिनी को प्रिय था रानीखेत
उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल का पहाड़ी क़स्बा रानीखेत उत्तर भारत के शानदार पर्यटन स्थलों में गिना जाता है. देवदार, बांज और बलूत के जंगल से लिपटे रानीखेत से हिमालय की बर्फीली चोटियों का नयनाभिरा... Read more
नाम-सोबन सिंह, रंग- गोरा, कद-औसत, आँखें-चमकदार, पीठ-सीधी, आवाज़–कड़क, उम्र-तिरासी साल. (Soban Singh Story Swati Melkani) उम्र के अलावा और कुछ भी ऐसा नहीं है जो इस व्यक्ति को बूढ़ा कहलवाने की हि... Read more
अंग्रेजों का रानीखेत प्रेम इतिहास के पन्नों में दर्ज है. यहाँ की आबोहवा उन्हें बहुत रास आई थी. ब्रिटिश राज के दौरान मैदानी इलाकों में गर्मी, मच्छरों और नमी जैसे अपरिचित तत्वों से जुझने को वि... Read more
ताड़ीखेत की आबोहवा के मुरीद थे महात्मा गाँधी
ताड़ीखेत के नयनाभिराम प्राकृतिक सौन्दर्य और शीतल, स्वास्थ्यवर्धक वातावरण से महात्मा गाँधी बहुत मोहित हुए. ताड़ीखेत की तारीफ में 11 जुलाई, 1929 को ‘यंग इण्डिया’ में एक लेख लिखा. लेख में उन्हो... Read more
उस ज़माने के अफ़सर ऐसे हुआ करते थे : कुमाऊं कमिश्नर पर्सी विंडहैम का किस्सा
वर्ष 1913 एक दिन, करीब 8 बजे जब मैं किच्छा में एक स्कूल का निरीक्षण कर रहा था, एक अध्यापक ने मुझे सूचित किया कि कमिश्नर स्कूल देखने आने वाले हैं. मुझे बुखार था और शिथिलता के कारण कोट-पैन्ट प... Read more
पाली-पछाऊं द्वाराहाट से 12 मील की दूरी पर है. इसे चन्द राजाओं की राजधानी के रूप में जाना जाता है. यहाँ गोरखागढ़ी नामक जगह पर गोरखा राज्य के अवशेष आज भी खण्डहर के रूप में मौजूद हैं. ईसा से लगभ... Read more
रानीखेत के करगेत से कानपुर तक खिंची एक पुरानी डोर
तीस के दशक में कभी रानीखेत तहसील के एक छोटे से गाँव करगेत से निकले पाँच भाइयों ने जब जीवन में अपने लिए कुछ सपनों के साथ शहर का रूख किया तो कानपुर का यही घर उनका ठिकाना बना जिसे उन्होंने बड़ी... Read more
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