सूरज की मिस्ड काल – 9
उजाले के कमांडो आज सुबह जरा जल्दी जग गये. जल्दी मतलब पांच बजे. इत्ता जल्दी जगने पर समझ नहीं आया तो फ़िर पलटकर सोने की कोशिश की. लेकिन जैसे चुनाव में एक के चुनाव क्षेत्र की टिकट दूसरे को मिल ज... Read more
सूरज की मिस्ड काल – 7
दुनिया की सब माँ ये एक सरीखी होती हैं आज इतवार के चलते अपन अलसाए से लेते रहे. कई बार उठने की सोचे पर मामला टालते रहे जैसे सरकारे जरूरी बिल भर कोशिश टरकाती है. आखिर में रजाई, गठबन्धन-सरकार से... Read more
सूरज की मिस्ड काल – 6
सूरज भाई गुलगपाड़ा सुनकर गर्मा गये आज सुबह जरा जल्दी जग गये. सूरज भाई का इन्तजार करते उधर देखते रहे जिधर से उनका आगमन होता है. सबसे पहली नजर से कोमल लालिमा देखकर लगा कि उगते सूरज को चारों दिश... Read more
सूरज की मिस्ड काल – 5
दुआओं के एंटीबॉयटिक का फ़ौरन असर होता है सूरज भाई पेड़ की फ़ुनगियों से झांक रहे हैं. पीटी मास्टर सरीखे किरणों, उजाले, रोशनी , प्रकाश को इधर-उधर पसरने, छा जाने का संकेत दे रहे हैं. ऊर्जा-सीटी बज... Read more
सूरज की मिस्ड काल – 4
धूप अलसाई सी लेटी है सुबह दरवाजा खोलते ही धूप दिखी. एकदम दरवज्जे तक आकर ठहरी हुयी सी. जैसे सूदूर से कोई फ़रियादी किसी हाकिम के यहां पहुंच जाये. लेकिन उसके दरवज्जे में घुसने की हिम्मत न होने... Read more
सूरज की मिस्ड काल भाग- 1
आज सुबह जगे तो देखा कि सूरज की चार ठो मिस्ड काल पड़ी थीं. उठकर बाहर आये. सोचा फ़ोन मिलाकर बात कर लें. लेकिन फ़िर नहीं मिलाये. सोचा -काम में बिजी होगा. ड्य़ूटी में दखल देना ठीक नहीं. देखा कि पानी... Read more
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