फागुन के आखिरी दिनों में रफल्ला, गाँव के नजदीक के गधेरे में अपना घाघरा धो रही है. बसंत इन दिनों से एक हाथ आगे होता है. इन एकदम उदास मटमैले दिनों में लगभग सभी चीजें खुद-ब-खुद कहीं डूब गयी सी... Read more
पमपम बैंड मास्टर की बारात
Posted By: Kafal Treeon:
पमपम बैंड मास्टर की बारात इस वक्त एक सुनसान बग्गड़ के बीच से होकर गुजर रही है. बग्गड़ गंगलोड़ पत्थरों से भरा है और उसके पूरे पाट में जगह-जगह उभर आए मिट्टी के गूमड़ों पर सूखी घास, हिंसर या जल... Read more
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