भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर हरिद्वार के किसान घाट से किसान क्रांति यात्रा शुरू
भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर हरिद्वार के किसान घाट से किसान क्रांति यात्रा रविवार को शुरू हो गई.विभिन्न मांगों के समर्थन में दिवंगत किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत को श्रद्धासुमन अर्... Read more
देश का पहला डॉप्लर रडार सेंटर उत्तराखंड से शुरू होगा. आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील उत्तराखंड में जल्द ही मौसम के पूर्वानुमान पहले से ज्यादा स्टीक होगा. साल 2013 में केदारनाथ जलप्रलय के ब... Read more
टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग भी ‘जुमला’ है ?
टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग संघर्ष समिति के बैनर तले तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन के बाद भी रेल मार्ग की उम्मीद एक बार फिर टूटती दिख रही है. 15 अगस्त से शुरू हुए इस आन्दोलन से दशक... Read more
जब रुपया गिरता है तो क्या-क्या होता है?
क्या आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का (नीचे दिया गया) यह विडियो देखा था? यह तब का विडियो है (2013 का) जब मोदी प्रधानमंत्री नहीं थे. मोदी इस विडियो में रुपये की कीमत के गिरते जाने का फलसफ़... Read more
सांसद निधि के 12 हज़ार करोड़ नहीं हो पाए खर्च
सांसद विकास निधि की भारी भरकम राशि खर्च ही नहीं हो पा रही है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक आम लोगों के विकास पर खर्च होने वाले करीब 12 हजार करोड़ रुपये सांसदों की सुस्ती के चक्कर में या तो खर्च नही... Read more
किस काम आई नोटबंदी, जब सारा पैसा बैंकों में वापस?
कालाधन वापस लाने से लेकर, कई महत्वाकांक्षी दावों के साथ की गई नोटबंदी के तकरीबन दो साल बाद भारत के रिजर्व बैंक ने 2017-18 की अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है कि 500 और 1000 की ख़ारिज की गई कर... Read more
कैग की रिपोर्ट में मोदी सरकार पर सवाल
खबर एनडीटीवी डाट कॉम पर प्रकाशित एक खबर के मुताबिक़ मोदी सरकार के राज में सरकारी कंपनियों को 2016-17 में 30 हजार करोड़ का घाटा हुआ है. इस खबर का आधार कैग की रिपोर्ट को बनाया गया है. कैग की रि... Read more
Popular Posts
- पहाड़ो में भूस्खलन
- जर्मन की लड़ाई और रुद्रनाथ की चढाई
- हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी
- हैप्पी बर्थडे कॉर्बेट साहब
- 28 साल के युवा से जब टिहरी रियासत डर गई
- दुनिया में शांतिपूर्ण आंदोलनों का संक्षिप्त इतिहास
- गांधीजी ने दुनिया के सबसे बड़े अहिंसक आंदोलन का संचालन कैसे किया?
- भारत में आँसू गैस के गोले सबसे पहले अंग्रेज़ लाए थे
- कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल
- हरेला: प्रकृति, परंपरा और विज्ञान का अद्भुत संगम
- हरेले के रंग में पहाड़ : फोटो निबन्ध
- अब हल्द्वानी में पहाड़ी उत्पादों के सबसे विश्वसनीय ब्रांड ‘मुनस्यारी हाउस’ की शुरुआत
- खड़कमाफी के जीवन में एक दशक से विचरते एकदंत गजराज
- क्या उत्तराखंड, पारिस्थितिक वहन क्षमता को लागू कर सकता है?
- रिंगाल आधारित शिल्प : उत्तराखण्ड का एक परम्परागत कुटीर उद्योग
- कानिया के प्रेम में दीवानी सुबनी : लोककथा
- चीड़ की छाल को कलाकृतियों का रूप दे रहा एक कलाकार
- मेरी यादों का पहाड़ : एक बहुआयामी किताब
- पहाड़ की पुकार जो खींच ले गई मुझे
- ‘मनिला डांडे की देवी मां आज बहुत उदास है
- सोशियल इकोनॉमी ऑफ हिमालय : हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का आरंभिक अकादमिक अध्ययन
- मानव और प्रकृति का संबंध प्राचीन, गहरा और अविभाज्य है
- न रुकदि छै, न थकदि छै, नयार जन बगदि छै : संकट में है नयार
- कर्ज पर युधिष्ठिर का जवाब : लोककथा
- दिव्य आम का स्वाद जीभ पर नहीं पेट के सबसे चोर हिस्से पर कब्ज़ा जमाता है
