इन मुश्किल दिनों में तीन कुमाऊनी गीत
लॉकडाउन के समय में परेशानियों से जूझ रहे लोग आपसी सहयोग से जिंदगी को थोड़ा आसान बनाने की कोशिश कर रहे हैं. जब सामान्य जनजीवन ठप है और कई अनसुलझे सवाल, तो अपना मनोबल बनाये रखने के लिए रचनात्म... Read more
कुमाऊंनी गीतों में जब एकबार बाजारूपन आना शुरु हुआ फिर वह कभी खत्म नहीं हुआ. गीतों के नाम पर फूहड़ता और संगीत के नाम पर ऑटोटोन आज भी कुमाऊंनी गीतों में जारी है. निराशा के इस माहौल के बावजूद कु... Read more
पुण्यतिथि विशेष: पप्पू कार्की हमेशा याद आएंगे
प्रवेन्द्र सिंह कार्की उर्फ़ पप्पू कार्की (30 जून 1984-9 जून 2018) आज ही के दिन एक साल पहले सड़क दुर्घटना में उत्तराखण्ड की नयी पीढ़ी के अग्रणी लोकगायक पप्पू कार्की का निधन हो गया था. मात्र 34... Read more
चीर बंधन के साथ होती है खड़ी होली की शुरुआत
कुमाऊनी होली में है ब्रज का प्रभाव कुमाऊँ में अधिकतर त्यौहार मौसम चक्र के बदलने या फिर फसलों को बोने या फिर उन्हें काटने के बाद ही मनाये जाते रहे हैं. इस तरह हमारे त्यौहार हमें जीवन चक्र की... Read more
हम जाने भी कहां देंगे तुमको गिर्दा
उस साल यानी 2010 में अचानक एक याद बन गया गिर्दा. इतवार, 22 अगस्त का दिन था. बारह बजे के आसपास मोबाइल फोन कुनमुनाया. देखा, लखनऊ से नवीन का संक्षिप्त एस एम एस था- ‘हमारे गिर्दा चल दिए इस दुनिय... Read more
कई वर्ष बाद आज गांव-घर आने का मौका मिला है. अब घर के नीचे खेतों तक मोटर रोड पहुंच चुकी है. यहां से उस पार, दूर पहाड़ पर माचिस की डिबियों-सी ओखलकांडा इंटरकालेज की इमारतें दिखाई दे रही हैं, उनस... Read more
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