यादों में हमेशा जिंदा रहेगा अमरिया
Posted By: Sudhir Kumaron:
पड़ोस के गांव गंगनौला की चाची का परिवार टनकपुर के लिए पलायन कर गया तो उन्होंने अपनी दुधारू गाय सस्ते दामों पर बेच दी, जबकि दो-ढाई साल का बछड़ा हमें मुफ्त में दे दिया. ईजा ने भी उसे ले लिया क... Read more
रक्षाबंधन या अषाढ़ी कौतिक का मेला. रिमझिम बारिश के बीच घर से निकलते तो मन मे उमंग और उत्साह रहता था. साथ ही कमाई की ललक भी. उम्मीद रहती थी कि पांच ककड़ी भी बिक जाएं तो स्कूल की फीस तो हो ही... Read more
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