शेखर जोशी की कहानी ‘बदबू’
एक साथी ने उसकी परेशानी का कारण भाँप लिया था, “ऐसे नहीं उतरेगा मास्टर. आओ, तेल में धो लो”, कहकर उस साथी ने उसे अपने साथ चले आने का संकेत किया.(Badboo Hindi Story Shekhar Joshi) घटिया किस्म क... Read more
पहाड़ की लड़कियों का पहाड़ सा जीवन
आंगन की भीढ़ी में बैठे-बैठे हरूवा सुबह से पांच बीड़ी फूंक चुका था. बेटी की शादी में महज 10 दिन रह गए थे. पहाड़ियों का एक अलग ही लॉजिक होता है, टेंशन के समय में बीड़ी फूकने से काम करने की थोड... Read more
कद्दू और मुटल्ली बुढ़िया की कथा
एक बुढ़िया अपने बेटे बहू के साथ एक अकेले घर में रहती थी. वे दोनों उसके साथ बुरा बर्ताव करते और बहुत दुख करते. बुढ़िया अपने दुख की कथा अपने अंदर दबाये रखती जिससे वह दिन दिन मोटी होती गयी. अब तो... Read more
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- न रुकदि छै, न थकदि छै, नयार जन बगदि छै : संकट में है नयार
