प्रख्यात भौतिक विज्ञानी व कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पहले कुलपति डॉ. डीडी पंत के जन्म शताब्दी समारोहों की श्रंखला में हल्द्वानी के मेडिकल कॉलेज के सभागार में गत 13 अक्टूबर 2019 को कार्यक्रम का... Read more
थल का बालेश्वर मन्दिर: जगमोहन रौतेला का फोटो निबंध
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़) से थल (पिथौरागढ़) को जाते हुए पूर्वी रामगंगा के पुल को पार करते ही थल का बाजार शुरु हो जाता है. मुख्य बाजार की ओर जाते हुए पुल से लगभग 25-30 मीटर की दूरी पर बाईं ओर रामग... Read more
खामोश कदमों से भी टूटती हैं रुढ़ियों की बेड़ियां
रुढ़ियों की परम्परा ऐसे ही टूटती है और समाज उनसे इसी तरह धीरे-धीरे मुक्ति पा लेता है. कहीं से विरोध के स्वर नहीं उठते. छोटे पर्दे की अभिनेत्री रुप दुर्गापाल की मॉ और अल्मोड़ा परिसर में शिक्ष... Read more
विकास के नाम पर पर्यावरण की हत्या
तथाकथित विकास के नाम पर वर्षों पुराने हरे पेड़ काटने वालो इसकी हाय से बचोगे नहीं तुम देख लेना. पूछ लो कुछ पुराने लोगों के बारे में. उनके परिवारों की क्या स्थिति है आज? गर्मी के दिनों में बटो... Read more
उत्तराखण्ड के दोनों अंचलों कुमाऊँ और गढ़वाल में भादो (भाद्रपद) महीने की संक्रान्ति को घी त्यौहार मनाया जाता है. कुमाऊँ में इसे घ्यूं त्यार कहते हैं तो गढ़वाल में इसे घी संक्रान्त कहते हैं. उ... Read more
बिशनी देवी साह – स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान जेल जाने वाली उत्तराखंड की पहली महिला
अंग्रेजों की दासता से पीड़ित भारतीय जनता ने आखिरकार 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ बगावत का झण्डा बुलन्द कर ही दिया. इस बगावत की चिंगारी धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गई. जिसका प्रभाव देश के सुदूर... Read more
हल्द्वानी में सेब के पेड़ पर फल लगना विशेषज्ञों के लिए शोध का विषय हो सकता है
सेब ने अब हल्द्वानी जैसे भाबरी क्षेत्र में भी अपनी दस्तक दे दी है. हल्द्वानी में अधिकतम तापमान गर्मियों में लगभग 40 डिग्री तक पहुँच जाता है. इतने गर्म तापमान वाली जगह पर सेब के पेड़ पर फल लग... Read more
पहाड़, भाबर व तराई वाले तीन तरह की भूमि के मिश्रणों वाली नैनीताल लोकसभा सीट अपने पहले लोकसभा चुनाव के दिनों से ही ऐसी है. राज्य बनने से पहले इसमें उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की बहेड़ी विधानस... Read more
तब इंदिरा गांधी से महिलाएँ बहुत प्रभावित थी
तब हम हल्द्वानी के गौरापड़ाव के हरिपुर तुलाराम गांव में ही रहते थे. मुझे हल्की सी याद अभी भी है कि तब युद्ध का समय था. रात में कई बार घर में बाबू कहते थे बाहर उजाला मत करो, नहीं तो दुश्मन के... Read more
भै भुको, मैं सिती : भिटौली से जुड़ी लोककथा
उत्तराखण्ड में चैत (चैत्र) का महीना लग गया है. कुमाऊं में चैत के महीने में विवाहित बहनों व बेटियों को भिटौली देने की विशिष्ट सांस्कृतिक परम्परा है. चैत के पहले दिन बच्चे फूलदेई का त्यौहार मन... Read more
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