1928 में नैनीताल के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर जे. एम. क्ले द्वारा एक किताब ‘नैनीताल: अ हिस्टोरिकल एंड डिस्क्रिपटिव अकाउंट’ प्रकाशित की गयी थी. इसके पहले अध्याय को नैनीताल के तत्कालीन असिस्टेंट... Read more
हल्द्वानी के कुछ पुराने परिवार
[पिछली क़िस्त: लॉर्ड हार्डिंग ने बनवाया था काठगोदाम का वह बेजोड़ गौला पुल] हरिदत्त जोशी अपने परिवार की परंपरा को बनाये रखते हुए समाजसेवा में भी अग्रणी रहे. वह आर्य समाजी थे. राम मंदिर की धर्मश... Read more
हल्द्वानी के टॉमी बाबू और उनका मुक्का
उस दिन इत्तेफ़ाक़न अपने दोस्त आलोक के घर जाना हुआ. कुछ सालों बाद. (Tommy Babu of Sadar Bazar Haldwani) आलोक मेरे सबसे पुराने दोस्तों में है. कॉलेज के ज़माने में उसके घर में मौजमस्ती के कई क़... Read more
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल का जब भी इतिहास लिखा गया है तब एक सामान्य धारणा यह बनाने की रही है कि गोरखाओं की तुलना में ब्रिटिश साम्राज्य का काल में यहां के स्थानीय लोगों का जीवन शांतिपूर्ण और अ... Read more
महात्मा गाँधी का कौसानी प्रवास
भारत की आजादी के आन्दोलन में उत्तराखण्ड के कुमाऊं का स्वर्णिम योगदान रहा है. 1921 के कुली बेगार जैसे आन्दोलनों में बागेश्वर के स्थानीय नागरिकों ने गजब की राष्ट्रीय चेतना का परिचय दिया. जिस स... Read more
रुहेलों की फ़ौज की हार हुई थी काठगोदाम में
अंग्रेजों ने 1815 में कुमाऊं का अधिग्रहण किया था. उससे पहले काठगोदाम एक छोटा सा गांव था जिसे बाड़ाखोड़ी या बाड़ाखेड़ी के नाम से जाना जाता था. राजा कल्याणचन्द के समय में उनके सेनापति शिवदत्त जोशी... Read more
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