पहाड़ की लड़कियों का पहाड़ सा जीवन
Posted By: Kafal Treeon:
आंगन की भीढ़ी में बैठे-बैठे हरूवा सुबह से पांच बीड़ी फूंक चुका था. बेटी की शादी में महज 10 दिन रह गए थे. पहाड़ियों का एक अलग ही लॉजिक होता है, टेंशन के समय में बीड़ी फूकने से काम करने की थोड... Read more
दा, उसे घुघुती मिल गई होगी
Posted By: Girish Lohanion:
दूर पहाड़ के अपने गांव से पढ़ने के लिए मैं शहर नैनीताल चला गया था लेकिन मन में बसा गांव और बचपन के वे संगी-साथी भी मन में मेरे साथ ही चले आए थे. चले आए थे तो रह-रह कर मुझे गांव की, बचपन की ब... Read more
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