देवीधुरा का पान और नेता बहादुर – सच्ची घटना पर आधारित उमेश तिवारी ‘विश्वास’ की कहानी
वो मरने ही आया था यहाँ. देवीधुरा पहाड़ की चोटी पर बना ग्राम देवता का वह मंदिर अब खंडहर में तब्दील हो चुका था. आधी गिर चुकी दीवाल से पीठ लगा पानदेब भूखे पेट की ऐंठन को दबाने का भरसक प्रयत्न क... Read more
देवीधूरा: आस्था की चट्टानें और सच्चाई के प्रहार
कौतूहल, कुछ देख कर उसके बारे में बहुत कुछ, सब कुछ जानने की कोशिश करना संभवतः मनुष्य का जन्म-जात स्वाभाव है. हमारी शोध की प्रवृत्ति, तकनीक, वैज्ञानिक सोच इत्यादि ने हमारे चारों ओर फैली अनगिनत... Read more
काली कुमाऊँ योद्धाओं का क्षेत्र है, अतः यहाँ की सभी परंपराएँ शक्ति (ताकत) से जुड़ी हुई हैं. दानवों की भूमि होने के कारण संभवतः न्याय पक्ष के लिए सहज ही अपने प्राण उत्सर्ग करने की प्रवृत्ति य... Read more
देवीधूरा में बग्वाल के बाद देवी का डोला
यह वीडियो हमारे लिए राजकीय महाविद्यालय देवीधूरा में संस्कृत की असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत श्रीमती इंदिरा बिष्ट ने भेजा है. काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें:... Read more
बग्वाल के अगले दिन उठता है देवी का डोला
देवीधूरा में होने वाले बग्वाल के अगले दिन अपरान्ह धूमधाम के साथ देवी माँ का डोला उठता है. इस अवसर पर ग्रामीण प्रातः काल से ही बड़ी संख्या में मंदिर परिसर पहुंचना शुरू कर देते हैं. नियत अनुष्ठ... Read more
देवीधूरा का बग्वाल मेला: एक फोटो निबंध
सभी फोटो: जयमित्र सिंह बिष्ट काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें Read more
बग्वाल 2018 से एक रपट
उत्तराखंड के प्राचीनतम मेलों में से एक बग्वाल का आज चम्पावत के देवीधुरा में जोशीले अंदाज़ में प्रदर्शन हुआ. तकरीबन १० मिनट चली बग्वाल को दूर दूर से लोग देखने आते हैं और यकीन मानिए बग्वाल को... Read more
देवीधूरा में बग्वाल – वीडियो 26 अगस्त 2018
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें Read more
देवीधूरा में कल है बग्वाल मेला
जनपद चंपावत के देवीधुरा कस्बे में अवस्थित मां बाराही देवी के मंदिर में प्रतिवर्ष रक्षाबंधन के दिन बग्वाल मेला आयोजित किया जाता है. मान्यता है कि देवीधुरा क्षेत्र की चार प्रमुख खाम सहित कुल स... Read more
1942 की सालम जन क्रांति की याद
प्रमोद साह हल्द्वानी में रहने वाले प्रमोद साह वर्तमान में उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत हैं. एक सजग और प्रखर वक्ता और लेखक के रूप में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफलता... Read more
Popular Posts
- DK88 casino promo code payment methods for Malaysian players
- DK88 casino registration security guide for Malaysian players
- DK88 Casino Registration Steps and Methods for Malaysian Players
- DK88 casino app mobile guide for Malaysian players
- DK88 Malaysia Casino Bonus Guide: Full Breakdown of Welcome Offers
- अब हल्द्वानी में पहाड़ी उत्पादों के सबसे विश्वसनीय ब्रांड ‘मुनस्यारी हाउस’ की शुरुआत
- खड़कमाफी के जीवन में एक दशक से विचरते एकदंत गजराज
- क्या उत्तराखंड, पारिस्थितिक वहन क्षमता को लागू कर सकता है?
- कानिया के प्रेम में दीवानी सुबनी : लोककथा
- चीड़ की छाल को कलाकृतियों का रूप दे रहा एक कलाकार
- मेरी यादों का पहाड़ : एक बहुआयामी किताब
- पहाड़ की पुकार जो खींच ले गई मुझे
- ‘मनिला डांडे की देवी मां आज बहुत उदास है
- सोशियल इकोनॉमी ऑफ हिमालय : हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का आरंभिक अकादमिक अध्ययन
- मानव और प्रकृति का संबंध प्राचीन, गहरा और अविभाज्य है
- न रुकदि छै, न थकदि छै, नयार जन बगदि छै : संकट में है नयार
- कर्ज पर युधिष्ठिर का जवाब : लोककथा
- दिव्य आम का स्वाद जीभ पर नहीं पेट के सबसे चोर हिस्से पर कब्ज़ा जमाता है
- उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी
- एक ‘युवा’ एथलीट जिनकी उम्र 92 वर्ष है!
- रिंगाल: पहाड़ की बुनावट में छिपा रोजगार और जीवन
- हिमालय के गुमनाम नायक की कहानी
- भारतीय परम्परा और धरती मां
- शकटाल का प्रतिशोध
- एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता
