पुन्यों सी उजली देबुली और नरिया के जीवन की एक झलक
Posted By: Kafal Treeon:
छिलुके की रोशनी में चौथर का कोना कोना खिल उठा था. कई महीनों बाद दो दिन पहले ही चौथर लिपा घिसा गया था. छिलुके की रोशनी में धान कूटते देबुली की चूड़ियों की खनक किसी साज पर सजी अंगुलियों की करत... Read more
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