दारमा घाटी: स्वर्गारोहण के दौरान जहां पांडवों ने पांच चूल्हे लगाकर अंतिम भोजन बनाया
दारमा घाटी की ख़ूबसूरती की व्याख्या शब्दों में कर पाना बहुत कठिन है. इन तस्वीरों को देखकर आप महसूस कर सकते है कि वहाँ पहुँच कर प्रकृति के इन रंगों को अनुभव करने से मन को कितना सुकून मिलता हो... Read more
दारमा की अम्मा के नाम बेटे का बंद लिफ़ाफ़ा
जब हम सिनला की चढ़ाई पार कर रहे थे तो हमारे एक साथी की जेब में एक लिफाफा था. यह लिफाफा गुंजी में जंगलात के एक कर्मचारी ने दिया था जिसका गाँव गो था. इस लिफ़ाफ़े में उसने अपनी बूढ़ी माँ के लिए... Read more
दारमा घाटी में दुग्तालों का गांव दुग्तू
दुग्तू पिथौरागढ़ जिले की दारमा घाटी का एक छोटा सा गांव है. पंचाचूली की गोद में बसा इस बेहद खूबसूरत गाँव में रं समाज के लोगों को निवास है जो कि दारमा घाटी का जनजाती समाज है. इनकी अपनी परंपराये... Read more
Popular Posts
- जब तक सरकार मानती रहेगी कि ‘पलायन’ विकास की कीमत है, पहाड़ खाली ही होते रहेंगे
- एक रोटी, तीन मुसाफ़िर : लोभ से सीख तक की लोक कथा
- तिब्बती समाज की बहुपतित्व परंपरा: एक ऐतिहासिक और सामाजिक विवेचन
- इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक स्मृति के मौन संरक्षक
- नाम ही नहीं ‘मिडिल नेम’ में भी बहुत कुछ रखा है !
- खेती की जमीन पर निर्माण की अनुमति : क्या होंगे परिणाम?
- नेपाल के रहस्यमयी झांकरी : योगी, वैद्य, तांत्रिक या ओझा?
- क्या मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रकृति महत्वपूर्ण है?
- क्या हैं जलवायु शरणार्थी?
- सियार और बाघिन: आदर्श पति की कहानी
- क्या चौड़ी सड़कें हिमालय के लिए बेहतर हैं?
- किन हिन्दू ग्रंथों में आता है कैलाश मानसरोवर का जिक्र?
- अधिकांश पहाड़ी जगहों के नाम में वहां का इतिहास और भूगोल छिपा रहता है
- अजपथों से हिमशिखरों तक : हिमालय प्रेमी घुमक्कड़ों के लिए एक जरूरी किताब
- उत्तराखंड विकास नीतियों का असमंजस
- उत्तराखंड में मौजूद अशोक के शिलालेख में क्या लिखा है?
- यारसागुंबा ही नहीं यह हिमालयी जड़ भी बनाती है आपको जवान
- उत्तराखंड में सेवा क्षेत्र का विकास व रणनीतियाँ
- जब रुद्रचंद ने अकेले द्वन्द युद्ध जीतकर मुगलों को तराई से भगाया
- कैसे बसी पाटलिपुत्र नगरी
- पुष्पदंत बने वररुचि और सीखे वेद
- चतुर कमला और उसके आलसी पति की कहानी
- माँ! मैं बस लिख देना चाहती हूं- तुम्हारे नाम
- धर्मेन्द्र, मुमताज और उत्तराखंड की ये झील
- घुटनों का दर्द और हिमालय की पुकार
