जीवन रचते व्यंग्य चित्र – 2
Posted By: Girish Lohanion:
दुगड्डा, पौड़ी गढ़वाल में रहने वाले जागेश्वर जोशी मूलतः बाडेछीना अल्मोड़ा के हैं. वर्त्तमान में माध्यमिक शिक्षा में अध्यापन कार्य कर रहे हैं. शौकिया व्यंगचित्रकार हैं जनसत्ता, विश्वामान... Read more
गांधी जयन्ती पर कुछ दुर्लभ कार्टून
Posted By: Kafal Treeon:
गांधी जयन्ती पर इन दुर्लभ कार्टून्स को उपलब्ध करवाया है हमारी स्तंभकार/ फोटोग्राफर विनीता यशस्वी ने. इन्हें बरसों पहले 1970 में अहमदाबाद के नवजीवन प्रकाशन मंदिर द्वारा प्रकाशित पुस्तक... Read more
Popular Posts
- द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा
- हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता
- पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया
- कुमाऊँ की खड़ी होली
- आधी सदी से आंदोलनरत उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव
- फूल, तितली और बचपन
- पर्वतीय विकास – क्या समस्या संसाधन की नहीं शासन उपेक्षा की रही?
- अनूठी शान है कुमाऊनी महिला होली की
- धरती की 26 सेकंड वाली धड़कन: लोककथा और विज्ञान का अद्भुत संगम
- कथा दो नंदों की
- इस बदलते मौसम में दो पहाड़ी रेसिपी
- अल्मोड़े की लखौरी मिर्च
- एक गुरु की मूर्खता
- अगर आपके घर में बढ़ते बच्चे हैं तो जरूर पढ़ें एकलव्य प्रकाशन की किताबें
- प्रेम में ‘अपर्णा’ होना
- यह सिस्टम बचाता है स्विट्ज़रलैंड के पहाड़वासियों को आपदा से
- 10 डिग्री की ठंड में फुटबॉल का जोश : फोटो निबन्ध
- क्या हमें कभी मिलेंगे वो फल जो ट्रेल ने कुमाऊं में खाए?
- प्रबल प्रयास की चाह में सिडकुल और उपजी विषमता
- बर्फ ही नहीं हरियाली भी गायब हो रही है हिमालयी इलाकों से
- उत्तराखंड क्रिकेट टीम से रचा इतिहास
- उत्तराखंड बजट : स्वयं स्फूर्ति से परिपक्वता की ओर
- बर्बर इतिहास का नाम क्यों ढो रहा है ‘खूनीबढ़’
- कौन थे पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा ‘लकुलीश’?
- कैसे अस्तित्व में आया नारायण आश्रम और कौन थे नारायण स्वामी?

