हॉलीवुड के पीछे बॉलीवुड हमारे देश का मेनस्ट्रीम सिनेमा हॉलीवुड की नक़ल करने के लिए लम्बे समय से कुख्यात रहा है. हाल ही में आई फिल्म ‘ठग्स ऑफ़ हिन्दुस्तान’ इसका बड़ा उदाहरण कहा जा सकता है. इस फि... Read more
‘कागज के फूल’ के न चलने की वजह से गुरुदत्त को न केवल आर्थिक रूप से बल्कि आत्मिक रूप से भी झटका लगा. उन्होंने ‘बाजी’ से लेकर ‘प्यासा’ तक एक से बढ़कर एक कामयाब फिल्में बनाईं थीं. पर जो फिल्म उन... Read more
होली, पागल और पूजा तीनों 1940 में अब्दुल रशीद कारदार की बनाई तीन फ़िल्में हैं. अब्दुल रशीद कारदार की सिनेमाई भूमिका मूक फिल्मों से अमिताभ के उदय के दौर तक फैली हुई है. सहगल शाहजहाँ राजकपूर सु... Read more
भारत की पहली बोलती फिल्म
भारत की पहली बोलती फिल्म आलम आरा, जिसके निर्माता इंपीरियल मूवी टोन के आर्देशिर ईरानी थे, मुंबई के मैजेस्टिक थिएटर में 14 मार्च 1931 को प्रदर्शित हुई थी. मुस्लिम पृष्ठभूमि पर आधारित आलम आरा ए... Read more
सदाबहार रेखा
वो सावन-भादों की फुहार हैं…उमराव जान की ताजा़ ग़ज़ल…ख़ूबसूरत की शोख़ी और हर उस फिल्म की जान जिसमें वे नज़र आईं. रेखा ने जैसे उन्हें अपने क़रीब से तो गुज़रने दिया…खु़द को छूने नहीं... Read more
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