कुछ यों होती थी हमारे बचपन की रामलीला
वो भी क्या दिन थे? कोई 12-13 बरस की उमर रही होगी. रामलीला हमारे गांव से 5 मील दूर भवाली में हुआ करती. भवाली की रामलीला की क्षेत्र में अपनी अलग पहचान थी. रोज- रोज तो नहीं पूरी रामलीला के दरम्... Read more
जिनके बिना भवाली का इतिहास अधूरा है
ब्रिटिश शासन के दौरान ही भवाली के पास नैनीताल-हल्द्वानी रोड पर लगभग एक किमी की दूरी पर वर्ष 1912 में भवाली सेनेटोरियम की स्थापना किंग जॉर्ज एडवार्ड सप्तम के कार्यकाल में हुई. समुद्रतल से 168... Read more
साल 1964 का जुलाई का महीना रहा होगा, जब भवाली के गोबिन्द बल्लभ पन्त हायर सेकेन्डरी स्कूल में दर्जा 6 में दाखिला लिया और शुरू हुआ भवाली से नजदीक से रूबरू होने का सिलसिला. यों हमारा मुख्य बाजा... Read more
उतीस के पेड़ का रहस्य और नीम करौली महाराज
आज 15 जून है, यदि सामान्य स्थिति होती और पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी से नहीं जूझ रहा होता तो कैंची धाम के मन्दिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह की वर्षगांठ पर लाखों की संख्या में लोग कैंची धाम... Read more
यादों में जिन्दा रहेंगे भवाली के देवी मास्टर
झक्क सफेद, बादामी अथवा क्रीम कलर का लखनवीं चिकन का कुर्ता, नीचे सफेद पायजामा अथवा सुनहरे किनारे वाली चिट्ट सफेद धोती, जो तहमतनुमा लिपटी रहती, गले में तुलसी माला, पांव में चप्पल अथवा कपड़े का... Read more
उद्यानिकी के क्षेत्र में ग्राफ्टिंग टैक्नीक (कलम बन्दी विधि) कोई नया प्रयोग नहीं है, वर्षों से उद्यानों में इस विधि से उन्नत किस्मों के पौधों की ग्राफ्टिंग कर फलों की गुणवत्ता में सुधार वर्ष... Read more
हमारे बचपन में अभावों का भी बढ़ा भाव था
नोस्टालजिया का झरोखा तो सुकून देता ही है जनाब! चाहे वह कितना ही अभावों भरा क्यों न हो. लेकिन सच कहें तो हमारे बचपन में अभावों का भी बढ़ा भाव था. विलासिता की चीजों से दूर हम अपनी खुशियां कुदर... Read more
डॉ. राम मनोहर लोहिया जन्मदिन विशेष
स्वातंत्रोत्तर भारत में समाजवाद विचारधारा को धार देने में आचार्य नरेन्द्र देव, डॉ. राम मनोहर लोहिया और जय प्रकाश नारायण अग्रणी थे, यद्यपि उस दौर में इस आन्दोलन में मधुलिमये, मधु दण्डवते, जॉर... Read more
द्वार पूजा का पर्व भी है फूलदेई
उत्तराखण्डियों का बालपर्व – फूलदेई सनातनी संस्कृति में घर का द्वार केवल घर में प्रवेश करने का रास्ता न होकर वन्दनीय पूजनीय माना जाता है. घर बनाते समय द्वार की दिशा का निर्धारण वास्तुशा... Read more
महज एक टूरिस्ट डेस्टिीनेशन नहीं है नैनीताल. कुदरत ने तो इसे तराशने में संजीदगी बरती ही है, लेकिन शहर की और सारी खूबसूरतियां भी हैं जो इसे दूसरे शहरों से अलहदा करती हैं. यही कारण है कि जो नैन... Read more
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